नई दिल्ली:देश की इकोनॉमी को लेकर अच्छी खबर आई है। अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने भारत को ‘ओवरवेट’ रेटिंग में अपग्रेड कर दिया है। वहीं, चीन को डाउनग्रेड करके ‘इक्वल-वेट’ रेटिंग कर दिया है। बता दें कि बीते मार्च महीने में घटते वैल्यूएशन प्रीमियम और लचीली अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए मॉर्गन स्टेनली ने भारत को अंडरवेट से इक्वल-वेट में अपग्रेड कर दिया था। कहने का मतलब है कि 4 महीने में ही रेटिंग में सुधार हुआ है।
चीन से बेहतर जीडीपी: इसी के साथ अब भारत एशिया प्रशांत पूर्व-जापान और उभरते बाजारों में मॉर्गन स्टेनली के लिए मुख्य ओवरवेट बाजार बन गया है। मॉर्गन स्टेनली के नोट में कहा गया है कि भारत का भविष्य काफी हद तक चीन के अतीत के समान दिखता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि दशक के अंत तक चीन की जीडीपी वृद्धि दर भारत की 6.5 प्रतिशत की तुलना में लगभग 3.9 प्रतिशत रहेगी।
मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक भारत में पिछले कुछ वर्षों में स्ट्रक्चरल रिफॉर्म हुए हैं जिसका असर अब दिखने लगा है। कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती और पीएलआई जैसी पहल हो या इंफ्रा में प्रगति लाना, ये सब इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर टेंशन: मॉर्गन स्टेनली ने मुद्रास्फीति और मौद्रिक नीतियों में अप्रत्याशित वृद्धि को जोखिम के तौर पर देखा है। ब्रोकरेज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बुरे परिणाम की आशंका जाहिर की है। इसके मुताबिक यह भारत के सेवा निर्यात और श्रम बल के लिए विघटनकारी हो सकता है। हालांकि, हम प्रभाव की बारीकी से निगरानी करेंगे। मॉर्गन स्टेनली ने लार्सन एंड टुब्रो और मारुति सुजुकी जैसे भारतीय शेयरों को अपनी एशिया-प्रशांत पूर्व-जापान फोकस सूची में जोड़ा है, जबकि टाइटन को सूची से हटा दिया गया है।













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