आजमगढ़:लोकसभा चुनाव के लिए तीसरे चरण की रस्साकसी के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने बड़ा दांव खेला है। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सीट रही आजमगढ़ से भीम राजभर को सलेमपुर भेजने के बाद मुस्लिम प्रत्याशी पर दांव लगाया है। यहां से शबीहा अंसारी को उतार दिया है। इसकी आधिकारिक घोषणा आज रात या कल तक होगा। शबीहा 2018 तक कांग्रेस में रही हैं। इसके बाद बसपा में आईं और 2018 से 2022 तक अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव रही हैं। इस बार सपा ने यहां से धर्मेंद्र यादव को उतारा है। उनके खिलाफ भाजपा की तरफ से मौजूदा सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ मैदान में हैं।
आजमगढ़ से मोदी लहर में भी 2014 में मुलायम सिंह यादव और 2019 में अखिलेश यादव ने जीत दर्ज की थी। 2022 में अखिलेश के इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के निरहुआ ने सपा के धर्मेद्र यादव को हरा दिया था। इस दौरान बसपा को धर्मेंद्र की हार का बड़ा कारण माना गया था। बसपा की तरफ से उतरे मुस्लिम प्रत्याशी गुड्डू जमाली ने ढाई लाख से अधिक वोट हासिल किए थे। जबकि धर्मेंद्र यादव केवल डेढ़ लाख मतों से हारे थे। इस बार चुनाव से पहले ही गुड्डू जमाली को अखिलेश ने सपा मुख्यालय बुलाकर पार्टी में ज्वाइन कराया और एमएलसी भी बना दिया था।
जमाली के सपा में जाने के बाद बसपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर को यहां से टिकट दिया था। पिछले हफ्ते अपनी रणनीति को बदलते हुए राजभर को बलिया की सलेमपुर सीट पर भेज दिया। तभी से लग रहा था कि मायावती आजमगढ़ के लिए कोई बड़ी रणनीति पर मंथन कर रही हैं। अब मुस्लिम प्रत्याशी पर दांव लगाने से साफ हो गया है कि उनके निशाने पर सपा ही है।













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