डेस्क: महाराष्ट्र में अगले महीने होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल तेज है। सभी दल सीट बंटवारे और गठबंधन को लेकर सक्रिय हैं, लेकिन विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (MVA) के भीतर सुर-ताल बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
MVA में सहयोगी शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि पुणे नगर निगम चुनावों में अजित पवार की अगुवाई वाली NCP और शरद पवार की NCP (SP) का गठबंधन भाजपा के साथ हाथ मिलाने के समान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शरद पवार की पार्टी MVA की सहयोगी है, जबकि अजित पवार भाजपा के एजेंट हैं।
पत्रकारों से बातचीत में राउत ने कहा कि वह शरद पवार से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और पुणे नगर निगम चुनावों में दोनों पक्षों के बीच किसी भी समझौते सहित अन्य संबंधित मामलों पर बात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया, “अजित पवार के साथ तालमेल किसी भी तरह से BJP को मजबूत करने जैसा होगा।”
माना जा रहा है कि अजित पवार की NCP और NCP (SP) ने पुणे नगर निगम चुनावों को लेकर गठबंधन पर बातचीत की है। इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हफ्ते कहा कि BJP और NCP पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगमों में गठबंधन नहीं करेंगे और दोनों महायुति सहयोगियों के बीच मुकाबला होगा। BJP और NCP के अलावा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी महायुति का घटक है।
संजय राउत ने कहा कि शरद पवार, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली MNS नगर निकाय चुनावों में एक साथ आने के पक्ष में हैं। उन्होंने दावा किया कि NCP (SP) नासिक और ठाणे में शिवसेना (UBT) और MNS के साथ गठबंधन करेगी। राउत ने यह भी कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों में शिवसेना का “बजट” लगभग 10,000 करोड़ रुपये है और पार्टी प्रत्येक उम्मीदवार को 10 करोड़ रुपये देने की योजना बना रही है, हालांकि इसके लिए कोई विवरण साझा नहीं किया गया।
राज्य के 29 नगर निगमों में चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना 16 जनवरी को होगी।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
