डेस्क : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की सनसनीखेज घटना में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस मामले में सीआईडी ने कथित मास्टरमाइंड वकील मोफक्करुल इस्लाम को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, उन्हें बागडोगरा हवाई अड्डे से उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे।
इससे पहले चुनाव आयोग ने इस गंभीर घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का फैसला लिया था। आयोग ने यह कदम उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद उठाया। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की टीम शुक्रवार तक पश्चिम बंगाल पहुंचकर जांच शुरू कर सकती है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामले में आगे बढ़ते हुए चुनाव आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने एनआईए के महानिदेशक को पत्र लिखकर मालदा कांड की जांच सौंपने की औपचारिक जानकारी दी। इस पत्र में उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश का उल्लेख किया गया है, जिसमें जांच केंद्रीय एजेंसी—सीबीआई या एनआईए—को सौंपने की बात कही गई थी।
गौरतलब है कि बुधवार को मालदा जिले के एक बीडीओ मुख्यालय में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में जुटे सात न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया गया था। ये अधिकारी मतदाता सूची से जुड़े दावों और आपत्तियों की सुनवाई के लिए तैनात थे।
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्चतम न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया और इसे न्यायालय की अवमानना का मामला करार दिया। अदालत ने कोलकाता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से प्राप्त जानकारी के आधार पर कार्रवाई शुरू की है। इस मामले में अगली सुनवाई 6 अप्रैल को निर्धारित की गई है।













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