ऐप के जरिए कैब प्रोवाइड करने वाले ओला कैब्स को एक और झटका लगा है। ओला कैब्स की मूल कंपनी एएनआई टेक्नोलॉजीज के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) कार्तिक गुप्ता ने पद छोड़ दिया है। उन्होंने 7 महीने पहले ही पदभार संभाला था। गुप्ता का इस्तीफा ओला कैब्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ हेमंत बख्शी के पद छोड़ने के दो सप्ताह बाद आया है।
ओला प्रवक्ता ने इस्तीफे की जानकारी देते हुए कहा- री-स्ट्रक्चरिंग के तहत ओला मोबिलिटी सीएफओ कार्तिक गुप्ता ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है। ओला में शामिल होने से पहले कार्तिक गुप्ता ने लगभग 17 वर्षों तक प्रॉक्टर एंड गैंबल के एशिया प्रशांत, मध्य पूर्व और अफ्रीका के उपाध्यक्ष और क्षेत्रीय सीएफओ के रूप में काम किया।
छंटनी की योजना
बीते दिनों ऐसी खबरें थीं कि कंपनी 10-15 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है। कंपनी के ओला कैब्स डिवीजन में जनवरी में करीब 900 लोग थे और छंटनी से 90-140 लोग प्रभावित हो सकते हैं।
आईपीओ के मूड में ओला कैब्स
ओला कैब्स ने पिछले महीने आईपीओ के लिए निवेश बैंकों के साथ प्रारंभिक चर्चा शुरू की थी। फर्म की सहयोगी कंपनी, ओला इलेक्ट्रिक ने आईपीओ के माध्यम से लगभग 7,250 करोड़ रुपये जुटाने के लिए दिसंबर में बाजार नियामक के साथ अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है, जो किसी भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन फर्म द्वारा लिस्टिंग का पहला प्रयास है। 2010 में स्थापित ओला कैब्स को सॉफ्टबैंक और टाइगर ग्लोबल जैसी कंपनियों से सपोर्ट मिला।
घाटा हुआ है कम
ओला मोबिलिटी ने वित्त वर्ष 2022-23 में घाटा कम होकर 1,082.56 करोड़ रुपये होने की सूचना दी थी। वित्त वर्ष 2021-22 में उसे 3,082.42 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। ओला मोबिलिटी की मूल कंपनी एएनआई टेक्नोलॉजीज का कुल संचित घाटा समूह स्तर पर बढ़कर 20,223.45 करोड़ रुपये पहंच गया और एकल आधार पर यह 31 मार्च, 2023 तक 19,649.27 करोड़ रुपये रहा। जनवरी 2024 तक कंपनी को कुल 31,441 करोड़ रुपये का वित्त पोषण प्राप्त हुआ है।













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