डेस्क : पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. अमजद अयूब मिर्जा ने क्षेत्र में बिगड़ती स्थिति को लेकर भारत सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। एक वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने दावा किया कि पीओजेके में नागरिकों पर दमन बढ़ रहा है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
मिर्जा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे को सर्वोच्च स्तर पर उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्थिति पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल, विभिन्न राजनीतिक दलों, विपक्षी नेताओं तथा संबंधित मंत्रालयों की आपात बैठक बुलाई जानी चाहिए। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में हिंसा और बढ़ सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल नेताओं और आम नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा रही है। मिर्जा के अनुसार, बड़ी संख्या में महिलाएं भी विभिन्न शहरों में धरना-प्रदर्शनों और मार्च में शामिल हुई हैं, लेकिन अब उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है तथा गिरफ्तारियों की खबरें सामने आ रही हैं।
मानवाधिकार कार्यकर्ता ने भारत सरकार से सभी उपलब्ध कूटनीतिक और मानवीय माध्यमों का उपयोग कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही उन्होंने पीओजेके के लोगों से भी अपने इस अभियान का समर्थन करने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में रावलाकोट, मुजफ्फराबाद और अन्य क्षेत्रों में सरकार की नीतियों, बढ़ती आर्थिक कठिनाइयों और प्रशासनिक फैसलों के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रहा है। रावलाकोट में हुए हालिया प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की भी खबरें आई थीं, जिनमें कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की सूचना है। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।













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