डेस्क : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में कथित पेपर लीक के मामले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक रोकने के लिए “फुलप्रूफ सिस्टम” लागू नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी।
राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर हैदराबाद में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्र सड़कों पर हैं और करीब 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है, जबकि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने सरकार पर सवालों से बचने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि कांग्रेस तब तक नहीं रुकेगी जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत और विश्वसनीय व्यवस्था नहीं बनाई जाती।
गौरतलब है कि तीन मई को देश के 551 शहरों में आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद विवाद गहरा गया। इस घटना के कारण करीब 22 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चितता में चला गया। मामला बढ़ने पर सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी, जिसने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीबीआई की प्रारंभिक जांच में इस पेपर लीक गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े पाए गए हैं। जांच के केंद्र में राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्य प्रमुख रूप से सामने आए हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी छापेमारी की गई है। अब तक इस मामले में एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कुछ शिक्षक भी शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों के पास से कथित रूप से लीक पेपर बरामद हुआ है।
इस पूरे विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी और शिक्षा मंत्रालय पर गंभीर सवाल उठे हैं। संसदीय समिति ने एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को तलब कर उनसे विस्तार से पूछताछ की है। समिति ने यह जानने की कोशिश की कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे हुई और 2024 के पेपर लीक मामले के बाद भी सुधार क्यों नहीं किए गए।
सूत्रों के अनुसार, समिति ने भविष्य में परीक्षाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने तथा कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने पर भी चर्चा की है।
सरकार ने विवादित परीक्षा को रद्द करते हुए पुनः परीक्षा की नई तारीख 21 जून निर्धारित की है। साथ ही शिक्षा मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित प्रणाली यानी सीबीटी के माध्यम से आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।













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