डेस्क : रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने राफेल लड़ाकू विमान और इसके मिसाइल सिस्टम को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि राफेल और उसकी मिसाइलें तब तक प्रभावी नहीं हैं जब तक उन्हें संचालित करने वाला उन्नत सॉफ़्टवेयर और आधुनिक तकनीक उपलब्ध नहीं है।
जनरल शुक्ला ने स्पष्ट किया कि आधुनिक हथियारों की क्षमता केवल उनके हार्डवेयर पर निर्भर नहीं करती, बल्कि AI और सॉफ़्टवेयर आधारित नियंत्रण प्रणालियों पर भी निर्भर करती है। उनका सुझाव है कि भारत को सैन्य उपयोग के लिए विशेष AI मॉडल विकसित करने में निवेश बढ़ाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री द्वारा विकसित 12 AI मॉडल में से 3–4 मॉडल को सेना के डेटा के लिए विशेष रूप से सुरक्षित रखना आवश्यक है।
जनरल शुक्ला ने यह भी जोर दिया कि AI टीम में कम से कम 50 अनुभवी डेटा इंजीनियर शामिल होने चाहिए, क्योंकि सामान्य प्रशासनिक अधिकारी तकनीकी जटिलताओं को संभालने में सक्षम नहीं होते। उन्होंने आधुनिक युद्ध में AI आधारित निर्णय‑सहायता, सटीक टारगेटिंग और इंटेलिजेंस की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
उनका बयान इस बात की ओर संकेत करता है कि केवल हथियार खरीदना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सॉफ्टवेयर और AI तकनीक से समर्थित बनाना ही असली चुनौती है।













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