डेस्क : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान से जुड़ी कथित चोरी के मामले में नया खुलासा हुआ है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने पहली बार स्वीकार किया है कि दान राशि में करीब 3 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने इस घटना को बेहद पीड़ादायक बताते हुए कहा कि मंदिर में आने वाला प्रत्येक दान श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और उसकी सुरक्षा ट्रस्ट की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
गोविंद देव गिरी ने कहा कि दान व्यवस्था में हुई इस अनियमितता से उन्हें काफी दुख पहुंचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दान की गिनती और उससे जुड़ी दैनिक प्रक्रिया की जिम्मेदारी अलग-अलग स्तर पर तय होती है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद ट्रस्ट ने जांच और व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, दान राशि की गिनती और प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों पर अनियमितता के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही हैं। साथ ही दान व्यवस्था से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
ट्रस्ट कोषाध्यक्ष ने कहा कि मंदिर में आने वाली धनराशि राम भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
राम मंदिर दान चोरी मामले के सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा और दान प्रबंधन व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे हैं। हालांकि ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई हैं।













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