नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए संयम बरतने और संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व के अनेक क्षेत्रों में जारी तनाव और ऊर्जा संकट का प्रभाव भारत सहित कई देशों पर पड़ सकता है। ऐसे समय में ईंधन की बचत, जन परिवहन का अधिक उपयोग तथा अनावश्यक व्यय में कटौती जैसे कदम राष्ट्रहित में होंगे।
उन्होंने नागरिकों से रेल, बस तथा अन्य सार्वजनिक यातायात साधनों का अधिक उपयोग करने, साझा वाहन व्यवस्था अपनाने तथा जहां संभव हो, घर से कार्य करने को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देशवासियों ने अनुशासन और एकजुटता का परिचय दिया था, उसी भावना के साथ वर्तमान परिस्थितियों में भी जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि देश में किसी प्रकार की आपात स्थिति अथवा पूर्ण बंदी जैसी परिस्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल संभावित आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक संकट के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए नागरिकों से सावधानी और संयम बरतने की अपील कर रही है।
उन्होंने विदेशी वस्तुओं पर अनावश्यक व्यय कम करने तथा विदेश यात्राओं को सीमित रखने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी मुद्रा की बचत और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन देना वर्तमान समय की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री के वक्तव्य के बाद सामाजिक माध्यमों पर पूर्ण बंदी संबंधी अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि बाद में विभिन्न स्तरों पर यह स्पष्ट किया गया कि उनके संबोधन का उद्देश्य केवल जनता को सतर्क, सजग और जिम्मेदार रहने के लिए प्रेरित करना था।













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