मुंबई:एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे की एमवीए सरकार संकट में आ गई है। हालांकि अब महा विकास अघाड़ी सरकार को बचाने की लगातार कोशिश की जारी है। इस बीच शिवसेना ने महाराष्ट्र विधानसभा उपाध्यक्ष के पास चिट्ठी भेजी है, जिसमें 12 बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्य ठहराने की अपील की है। शिवसेना ने इससे पहले शिंदे को विधायक नेता पद से हटाने की अपील की थी जो मान ली गई थी।
एकनाथ शिंदे पहले ही दलबदल विरोधी कानून का उल्लंघन किए बिना विधानसभा में शिवसेना को विभाजित करने के लिए आवश्यक 37 की महत्वपूर्ण संख्या तक पहुंच चुके हैं। इस बीच खबर यह भी है कि शिवसेना के तीन और विधायक बागी खेमे में शामिल हो गए हैं। जिससे शिंदे गुट को और मजबूती मिल गई है।
उद्धव ठाकरे के पास इस वक्त न सिर्फ सरकार बल्कि अपने पिता बालासाहब ठाकरे की विरासत शिवसेना को बचाने का भी दबाव है। शिंदे खुद को असली शिवसैनिक कह रहे हैं और सूत्र बता रहे हैं कि वे उद्धव से न सिर्फ सीएम कुर्सी बल्कि शिवसेना प्रमुख पद भी छीनने के मूड में हैं। महा विकास अघाड़ी ने पहले दावा किया था कि शिंदे गुट के पास सिर्फ 17 विधायकों का बल है। जबकि शिंदे की ओर से जारी वीडियो में 40 विधायकों की पुष्टि हो चुकी है।
शिंदे गुट पर बड़ी चोट की तैयारी
इस बीच शिवसेना शिंदे गुट को बड़ी चोट देने पर कदम बढ़ा चुकी है। शिवसेना नेता अरविंद सावंत ने कहा है कि पार्टी ने विधानसभा उपाध्यक्ष को वो सभी बागी विधायकों के बजाय करीब 12 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता प्रस्ताव भेजा है। शिवसेना आश्वस्त है कि उस पर पहले फैसला लिया जा सकता है क्योंकि, इससे पहले शिवसेना ने शिंदे को विधायक दल नेता पद से हटाने की अपील की थी, जिसे मान लिया गया था। शिवसेना ने अपनी अपील में कहा है कि व्हिप के मुताबिक, सीएम उद्धव ठाकरे की बैठक में ये विधायक नहीं पहुंचे थे।इस कदम से शिंदे गुट को बड़ा झटका देने की तैयारी है।
एकनाथ शिंदे समेत किसके नाम जानिए
शिवसेना की ओर से दायर की गई अपील में एकनाथ शिंदे का नाम भी शामिल है। इसके अलावा भरत गोगावले, संजय शिरसाट, तानाजी सावंद, प्रकाश सुर्वे, अनिल बावर, अनिल बाबर, बालाजी किन्नीकर, संदीपन भुमरे, अब्दुल सत्तार, महेश शिन्दे, यामिनी जाधव और लता सोनावने का नाम शामिल है। शिवसेना का मानना है कि 18 बागी विधायकों से उनका संपर्क लगातार बना हुआ है। वे लोग मुंबई आकर शिवसेना से वापस जुड़ना चाहते हैं।
शरद पवार भी दे चुके हैं संकेत
इससे पहले मीडिया से बातचीत में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने दोहराया कि उद्धव ठाकरे सरकार विधानसभा में बहुमत साबित करेगी और सरकार बनाने में कामयाब रहेगी। उन्होंने बागी विधायकों को कीमत चुकाने की बात भी कही।













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