डेस्क : पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी ने एक नया और गंभीर दावा करते हुए कहा है कि उसने पहली बार समुद्री क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। साथ ही संगठन ने अपनी एक “नौसैनिक इकाई” के गठन की भी घोषणा की है।
संगठन ने दावा किया है कि उसने ग्वादर के जिवानी क्षेत्र के पास समुद्र में पाकिस्तान की एक सुरक्षा गश्ती नाव को निशाना बनाया। इस हमले में तीन सुरक्षा कर्मियों के मारे जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार, यह पहली बार है जब इस संगठन ने समुद्री क्षेत्र में किसी ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली है। जारी किए गए दावों और वीडियो संदेशों में संगठन ने इसे अपना “पहला नौसैनिक अभियान” बताया है।
“नौसैनिक इकाई” के गठन का दावा
संगठन ने यह भी कहा है कि उसने अपनी एक अलग समुद्री शाखा बनाई है, जिसे कथित रूप से “हम्माल मैरीटाइम डिफेंस फोर्स” नाम दिया गया है। संगठन का दावा है कि इस इकाई का उद्देश्य बलूच समुद्री क्षेत्रों में गतिविधियों को अंजाम देना और अपनी रणनीतिक क्षमता को बढ़ाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दावा संगठन की रणनीति में एक बड़ा बदलाव हो सकता है, क्योंकि अब तक इसकी गतिविधियाँ मुख्य रूप से जमीन आधारित हमलों तक सीमित रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने इस दावे के बाद तटीय क्षेत्रों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। ग्वादर और आसपास के इलाके पहले से ही संवेदनशील माने जाते हैं, क्योंकि यह क्षेत्र चीन–पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ा हुआ है और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पृष्ठभूमि
बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और विद्रोह की स्थिति बनी हुई है। बलूच लिबरेशन आर्मी और अन्य संगठन समय-समय पर सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमलों की जिम्मेदारी लेते रहे हैं।
हालिया दावा ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण बनी हुई है और कई अभियानों के बावजूद हिंसा पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है।













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