मुरादाबाद: पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन की बेटी की शादी के न्योते को लेकर सपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था। मामला अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच गया। रविवार को जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने बयान जारी कर साफ किया कि पार्टी में अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से अपील की कि वे बयानबाजी छोड़कर आगामी विधानसभा चुनाव और एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान दें और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में जुटें।
जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि फेसबुक, व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप या अभद्र भाषा का प्रयोग करना पार्टी की बदनामी और अनुशासनहीनता माने जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई नेता या कार्यकर्ता पार्टी के हितैषी हैं और स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मानते हैं, तो यह व्यवहार तत्काल बंद होना चाहिए। किसी भी शिकायत की स्थिति में अधिकारी सीधे जिलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष से संपर्क कर सकते हैं, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही जिलाध्यक्ष ने जिले भर में लगाए जाने वाले पार्टी के पोस्टर, बैनर और फ्लैक्सी के लिए भी गाइडलाइन जारी की। अब किसी भी प्रचार सामग्री पर पार्टी के सांसद या विधायक के फोटो का उपयोग अनिवार्य होगा।
डॉ. हसन ने भी विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बेटी की शादी में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया था। “मुझसे मोहब्बत करने वाले सभी लोग बेटी को आशीर्वाद देने आए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी आमंत्रित किया गया था और उनका पत्र प्राप्त हुआ। मेयर का टिकट नेता जी ने बुलाकर दिया और 19 का टिकट दिलाने में आजम खां की अहम भूमिका रही। पार्टी में मेरे नेता सिर्फ अखिलेश यादव हैं।”
डॉ. हसन ने भाजपा नेताओं को शादी में बुलाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे पूर्व सपा सांसद की मानसिकता स्पष्ट होती है। उन्होंने यह भी पूछा कि उनके द्वारा मेरे चुनाव में मेरी भूमिका को कैसे देखा जाएगा।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
