पाटण:कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि यदि केंद्र में उनकी सरकार बनती है तो वह प्राथमिकता के आधार पर पूरे देश में जाति और आर्थिक सर्वेक्षण कराएगी। राहुल गांधी उत्तर गुजरात के पाटण शहर में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। राहुल ने कहा कि देश की 90 फीसदी आबादी एससी, एसटी और ओबीसी की है लेकिन उनको कॉरपोरेट, मीडिया, निजी अस्पताल, निजी विश्वविद्यालयों या सरकारी नौकरशाही में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है।
राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर संविधान बदलने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ एनडीए आरक्षण के खिलाफ है। राहुल ने कहा- आरक्षण का मतलब है गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों की न्यायपूर्ण भागीदारी है। नरेन्द्र मोदी निजीकरण को हथियार बना कर आपसे यह हक छीन लेना चाहते हैं। हम सत्ता में आने के बाद सबसे पहले जाति और आर्थिक सर्वेक्षण कराएंगे। राहुल पाटण लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार चंदनजी ठाकोर का चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे।
राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान में 40 फीसदी धन पर केवल 1 फीसदी लोगों का अधिकार है। यह देश की सच्चाई है। फिर नरेन्द्र मोदी और BJP के लोग कहते हैं कि आरक्षण खत्म कर देंगे। अग्निवीर और निजीकरण जैसे काम आरक्षण को खत्म करने के तरीके हैं। मौजूदा वक्त में दो विचारधाराओं की लड़ाई है। एक ओर कांग्रेस और INDIA गठबंधन है, जो संविधान को बचाने में लगे हैं। दूसरी ओर मोदी और आरएसएस हैं, जो संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल ने कहा कि मौजूदा वक्त में दो हिन्दुस्तान बन रहे हैं। आपने राम मंदिर का उद्धाटन देखा जिसमें अमीर लोग नजर आए थे लेकिन एक भी गरीब, किसान, मजदूर नहीं था। राष्ट्रपति जो आदिवासी समाज से आती हैं, उन्हें वहां जाने तक नहीं दिया। यह शर्म की बात है। देश में पूरा ड्रामा चल रहा है और अडानी जी के पैसे बन रहे हैं। हमारी सरकार बनी तो हम अग्निवीर योजना को फाड़कर फेंक देंगे। कांग्रेस महालक्ष्मी योजना लेकर आएगी जिससे हर गरीब परिवार की एक महिला को हर साल 1 लाख रुपए मिलेंगे।













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