डेस्क: असम में रविवार को सियासी विवाद ने तूल पकड़ लिया। मामला शुरू हुआ कांग्रेस के आरोपों से, जिसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं और उनके नाम विदेश में संपत्ति भी दर्ज है।
कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस के सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए नकार दिया।
सरमा का पलटवार
सरमा ने ट्विटर पर लिखा कि पवन खेड़ा की प्रेस कांफ्रेंस कांग्रेस की आंतरिक बेचैनी और घबराहट को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि असम इस चुनाव में ऐतिहासिक जनमत देने जा रहा है, ऐसे में बेबुनियाद आरोप और हमले उनकी डूबती जमीन दिखाते हैं।
सरमा ने पवन खेड़ा के आरोपों को “दुर्भावनापूर्ण, फैब्रिकेटेड और राजनीति से प्रेरित” करार देते हुए कहा कि वह और उनकी पत्नी 48 घंटे के भीतर उनके खिलाफ आपराधिक और मानहानि के मुकदमे दायर करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि खेड़ा को अपनी बातों की जिम्मेदारी उठानी होगी।
कांग्रेस की ओर से आरोप
इससे पहले पवन खेड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस में कुछ दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया कि उन्हें विदेश से प्राप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा के पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ व बरबूडा के पासपोर्ट हैं।
खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि रिनिकी के पास दुबई में संपत्ति है और अमेरिका के व्योमिंग में उनकी एक रजिस्टर्ड कंपनी है, जिसका बजट 34.67 बिलियन डॉलर है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सरमा परिवार होटल इंडस्ट्री में निवेश करने की योजना भी बना रहा है।
कानून और चुनावी सवाल
खेड़ा ने मुख्यमंत्री की भारतीय कानूनों के पालन पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि यह सारी संपत्तियां सरमा के चुनावी हलफनामे में दर्ज नहीं हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने हिमंत बिस्वा सरमा को आगामी चुनाव के लिए अयोग्य घोषित करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग उठाई। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले की जांच और एसआईटी गठित करने की अपील की।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

