शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि जैसा कि आप सभी को मालूम है कि हाईकोर्ट ने बिना तोड़ फोड़ किए एएसआई को ज्ञानवापी मस्जिद का साइंटिफिक सर्वे का आदेश दिया है जो आज प्रातः आरंभ हो सकता है। अंजुमन इन्तज़ामिया मसाजिद ने कल ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय मे इस आदेश के विरुद्ध अपील की थी जिसकी आज सुनवाई निश्चित है। जिसकी सूचना हमने बनारस के उच्च अधिकारियो को दे दी थी।
उन्होंने कहा कि हमारा अनुरोध था कि शीर्ष अदालत के आदेश तक सर्वे स्थगित रखा जाए। जो न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप भी है। दिल्ली से हमारे अधिवक्ता ने भी इसी आशय का पत्र यहां के अधिकारी को भेज कर दिनांक 4-8-23 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई की सूचना प्रेषित किया है। उत्तर के अभाव में देर रात अंजुमन ने मीटिंग कर तय किया है कि अंजुमन इस सर्वे से विरत रहेगी। आप लोगों से अपील है कि दुआओं का एहतमाम करें। पूरीतरह शांति बनाए रखें। संयम-शांति-सौहार्द हमारी जीत का मूल मंत्र होगा।
बता दें कि हिंदू पक्ष ने ज्ञानवापी के पूरे परिसर के एएसआइ सर्वे की मांग की है। दावा किया है कि परिसर में मौजूद इमारत के गुंबद के नीचे और तहखानों में ढेरों साक्ष्य मौजूद हैं। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन का दावा है कि मुख्य गुंबद के नीचे तहखाना है। वहां खड़ा होने पर इसका स्पष्ट अहसास होता है। वहां भी शिवलिंग है, जो सर्वे में सामने आ जाएगा। एडवोकेट कमिश्नर की कार्यवाही में कई तहखानों में मौजूद कुछ कमरों, नमाज पढ़ने की जगह, गुंबद, वुजूखाने समेत कुछ जगहों की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी हो पाई थी।













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