डेस्क : भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान से यह साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत कूटनीति से भारत को कोई ठोस लाभ नहीं मिला। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “हाउडी मोदी” पर “नमस्ते ट्रंप” भारी पड़ गया है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका-भारत के हालिया संयुक्त वक्तव्य में कई अहम जानकारियां अस्पष्ट रखी गई हैं, लेकिन जो संकेत सामने आए हैं, वे भारत के हित में नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि समझौते के तहत भारत अब रूस से तेल आयात नहीं करेगा और यदि भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूस से तेल खरीदता है तो अमेरिका दोबारा 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगा सकता है।
किसानों की कीमत पर अमेरिका को फायदा : कांग्रेस
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह व्यापार समझौता भारतीय किसानों के हितों की कीमत पर अमेरिकी किसानों को लाभ पहुंचाने वाला है। जयराम रमेश ने कहा कि भारत, अमेरिका से आयात पर शुल्क में कटौती करेगा, जिससे अमेरिकी उत्पादों का भारत में आयात तेजी से बढ़ेगा। उनके अनुसार, अमेरिका से भारत का वार्षिक आयात तीन गुना तक बढ़ सकता है, जिससे भारत का लंबे समय से चला आ रहा वस्तु व्यापार अधिशेष समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को भारत की आईटी और अन्य सेवाओं के निर्यात को लेकर अब भी कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दी गई है, जिससे इस क्षेत्र में अनिश्चितता बनी रहेगी। रमेश ने यह दावा भी किया कि भारत से अमेरिका को होने वाले वस्तु निर्यात पर पहले से अधिक शुल्क लगाया जाएगा।
कांग्रेस महासचिव ने तंज कसते हुए कहा कि केवल गले मिलने और मंच साझा करने से कूटनीतिक सफलता नहीं मिलती और यही कारण है कि “दोस्त-दोस्त न रहा।”
सरकार का पक्ष
वहीं केंद्र सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इस व्यापार समझौते में महत्वपूर्ण कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से बाहर रखा गया है, जिससे किसानों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सरकार के अनुसार, इस डील के तहत भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान खरीदेगा। इसमें ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के कल-पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला शामिल हैं।
समझौते के तहत अमेरिका भारत पर लगने वाले शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे पहले, अगस्त में अमेरिका ने रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भारत पर 25 प्रतिशत जवाबी शुल्क के साथ अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था, जिससे भारतीय निर्यातकों को भारी नुकसान हुआ था।
सरकार का कहना है कि शुल्क में कमी से भारत के कपड़ा और परिधान, चमड़ा-जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी उत्पादों के निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।













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