मुंबई। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के घटक दलों के बीच मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े राज्य के जल आपूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटिल ने शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाले वित्त विभाग पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार का सबसे बेकार विभाग है। जलगांव में एक समारोह में बोलते हुए पाटिल ने कहा, “वित्त विभाग सरकार का सबसे बेकार विभाग है।
उन्होंने कहा, ”मैंने विभाग को एक फाइल भेजी थी। इसे 10 बार लौटा दिया गया। केवल नकारात्मक टिप्पणियां दी गईं। लेकिन मैंने हार नहीं मानी और लगातार फॉलोअप करता रहा।” आपको बता दें कि शिंदे कैबिनेट के यह मंत्री जुझारू और मुखर होने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बाद में कहा कि कैबिनेट के भीतर कोई मतभेद नहीं हैं।
आपको बता दें कि जब शिंदे ने महा विकास अघाड़ी सरकार को गिराया था तो उनके विद्रोह में उठाई गई मुख्य शिकायतों में से एक यह थी कि शिवसेना के नेतृत्व वाले विभागों को पवार द्वारा नियंत्रित वित्त विभाग द्वारा धन नहीं दिया जा रहा था। पिछले हफ्ते अजीत पवार ने खुद एक और शिवसेना नेता और राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत पर हमला बोला था।
शिंदे के मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कांग्रेस और एनसीपी का विरोध किया है। सावंत ने कहा, “मैं कैबिनेट में उनके बगल में बैठता हूं, लेकिन बाहर आने के बाद मुझे उल्टी आती है।”
आपको बता दें कि भाजपा के भीतर भी पवार के खिलाफ असंतोष की आवाजें उठ रही हैं। पार्टी के कई लोगों को लगता है कि एनसीपी को महायुति गठबंधन में लाने से उन्हें लोकसभा चुनावों में सीटों का नुकसान हुआ है। पिछले महीने आरएसएस से जुड़े मराठी साप्ताहिक पत्रिका विवेक में प्रकाशित एक रिपोर्ट में लोकसभा चुनावों में भाजपा के खराब प्रदर्शन के लिए अजीत पवार के साथ गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया गया था।













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