नई दिल्ली : इस वर्ष एशियन गेम्स और हॉकी विश्व कप के मात्र तीन सप्ताह के अंतराल में आयोजित होने की संभावना को देखते हुए हॉकी इंडिया दोनों टूर्नामेंट्स के लिए अलग-अलग टीम भेजने पर विचार कर रहा है। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य एशियन गेम्स को प्राथमिकता देना है, क्योंकि यह 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन मार्ग प्रदान करता है।
जानकारी के अनुसार, हॉकी विश्व कप 15 अगस्त से 30 अगस्त के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड में आयोजित किया जाएगा, जबकि एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में होंगे। दोनों प्रतियोगिताओं के बीच केवल लगभग 20 दिनों का अंतर है, जिससे टीम प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, “हमें विश्व कप और एशियन गेम्स के लिए दो अलग-अलग टीमें तैयार करनी होंगी और चूंकि एशियन गेम्स ओलंपिक क्वालिफिकेशन का माध्यम है, इसलिए वहां हमारी सर्वश्रेष्ठ (ए) टीम भेजी जाएगी।”
विश्व हॉकी महासंघ के तहत पुरुष और महिला दोनों वर्गों के विश्व कप अलग-अलग आयोजित होंगे, जिनकी मेजबानी संयुक्त रूप से बेल्जियम और नीदरलैंड कर रहे हैं। दोनों ही टूर्नामेंट में 16-16 टीमें होंगी, जिन्हें चार-चार के पूल में बांटा गया है। हर टीम ग्रुप चरण में एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला खेलेगी।
पुरुष हॉकी विश्व कप में भारत और पाकिस्तान को एक ही पूल में रखा गया है, जिससे दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच 19 अगस्त को हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा।
वहीं एशियन गेम्स की मेजबानी जापान करेगा। प्रतियोगिता के कुछ मुकाबले आधिकारिक उद्घाटन समारोह से नौ दिन पहले ही शुरू हो जाएंगे, जैसा कि आयोजन समिति द्वारा जारी कार्यक्रम में बताया गया है।
भारत का लक्ष्य हांगझोउ एशियन गेम्स 2022 में हासिल किए गए 106 पदकों के ऐतिहासिक प्रदर्शन को और बेहतर करना है। इसके लिए व्यापक तैयारी, रणनीतिक योजना और सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। इस बार 40 से अधिक खेलों में 700 से ज्यादा भारतीय एथलीटों के भाग लेने की उम्मीद है।













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