नई दिल्ली:टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया (वीआई) की वजह से इंडस टावर्स ने शेयरधारकों को जल्द ही डिविडेंड भुगतान से इनकार कर दिया है। दरअसल, वोडाफोन आइडिया ने अब तक इंटस टावर्स के बकाया को लौटाने पर कोई स्पष्टता नहीं दी है। हालांकि, इंडस टावर ने ये जरूर कहा है कि कंपनी, वोडाफोन आइडिया पर लगातार 9500 करोड़ रुपये के अनुमानित पिछले बकाया को चुकाने के लिए दबाव डाल रही है।
जून तिमाही में हुआ बंपर मुनाफा: हाल ही में इंडस टावर्स ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 182% से अधिक की बढ़ोतरी के साथ 1,347.9 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इंडस के प्रबंध निदेशक प्रचूर साह ने कहा कि कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक तिमाही टावर वृद्धि दर्ज की गई है।
एयरटेल की हिस्सेदारी: इस साल की शुरुआत में इंडस के सबसे बड़े स्टेकहोल्डर एयरटेल ने कहा था कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि टावर कंपनी मजबूत बनी रहे और वह किसी भी अस्थिरता को रोकने के लिए तैयार है। इंडस में एयरटेल की 47.95% हिस्सेदारी है, जिसमें यूके की वोडाफोन पीएलसी की 21.05% हिस्सेदारी है। इस बीच, बीएसई इंडेक्स पर शुक्रवार को इंडस के शेयर 1.14% गिरकर 174 रुपये पर बंद हुए।













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