बेंगलुरु:कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अयोध्या के राम मंदिर में एकमात्र रामलला की मूर्ति को स्थापित किए जाने को लेकर सवाल उठाया है। कर्नाटक के कोप्पल में एक सभा को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि हम सिर्फ राम की पूजा नहीं करते, हम हनुमान की भी पूजा करते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में सिर्फ भगवान राम की मूर्ति स्थापित करना संयुक्त परिवार की भारतीय परंपरा के खिलाफ है। उनका कहना था कि अयोध्या के मंदिर में रामलला की जगह राम, लक्ष्मण और सीता के साथ-साथ हमुमान की भी मूर्ति स्थापित होनी चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, “श्री रामचन्द्र को अलग से देखना उचित नहीं है। मैं तो कहता हूं सीताराम की जय। हम संयुक्त परिवार से आते हैं। इस प्रकार हम अयोध्या मंदिर में राम के साथ सीता, लक्ष्मण और हनुमान को देखते हैं। क्या आपने सिर्फ भगवान राम को किसी मंदिर में देखा है? मैंने कभी किसी मंदिर में ऐसा नहीं देखा।” उन्होंने कहा कि इतिहास और पुराण को ठीक से समझना चाहिए।
समाज में असमानता लाती है सिर्फ राम की मूर्ति की स्थापना: सिद्धारमैया
सिद्धारमैया ने सिर्फ भगवान राम की मूर्ति स्थापित करने के कदम की तुलना समाज में असमानता से की। उन्होंने कहा, “यह देखना होगा कि क्या हमने असमानता खत्म कर दी है? हमारा समाज जातियों द्वारा संगठित है। असमानता को बढ़ावा देने वाले हिटलर और मुसोलिनी ने भी यही किया था। हमारे देश में भी कुछ लोग ऐसे तानाशाहों का अनुसरण करते हैं। हमें नफरत को बढ़ावा देने के बजाय एक प्रेमपूर्ण समाज बनने का प्रयास करना चाहिए।”
भाजपा ‘ऑपरेशन लोटस’ से सत्ता में आती है: सिद्धारमैया
वहीं हिमाचल प्रदेश में हुए सियासी उठापटक को लेकर सिद्धारमैया ने भाजपा पर निशाना साधा है। सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा कभी जनता के आशीर्वाद से सत्ता में नहीं आई है। हिमाचल प्रदेश के परिदृश्य पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा कभी भी लोगों के आशीर्वाद से सत्ता में नहीं आई है। वे हमेशा ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए सत्ता हासिल करते हैं। उन्होंने कर्नाटक में कभी भी 113 से अधिक सीटें नहीं जीतीं। वे हमारी सरकार को भी गिराने की कोशिश कर रहे हैं। वे कांग्रेस विधायकों को 50 करोड़ रुपये की पेशकश कर रहे हैं।”













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
