डेस्क : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर सहमति बन चुकी है तथा सीटों के बंटवारे का प्रारूप भी लगभग तय कर लिया गया है। इसके साथ ही सपा ने विभिन्न सर्वेक्षणों और संगठनात्मक फीडबैक के आधार पर करीब 200 विधानसभा सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की पहचान भी कर ली है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच सीटों के वितरण में जीत की संभावना को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में कांग्रेस अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में होगी, वहां उसे प्राथमिकता दी जा सकती है, जबकि अन्य सीटों पर समाजवादी पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी। गठबंधन का उद्देश्य विपक्षी मतों के विभाजन को रोकना और भाजपा के खिलाफ संयुक्त मुकाबला तैयार करना है।
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी इस बार चुनावी घोषणा से काफी पहले उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि समय रहते उम्मीदवारों की घोषणा होने से उन्हें अपने क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने और मतदाताओं तक पहुंच बनाने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। साथ ही टिकट वितरण को लेकर असंतोष की संभावना भी कम होगी।
पार्टी नेतृत्व प्रदेश के विभिन्न जिलों की विधानसभा सीटों की समीक्षा कर रहा है। जिलाध्यक्षों और स्थानीय पदाधिकारियों से लगातार फीडबैक लिया जा रहा है। बताया जाता है कि लगभग 40 जिलों की सीटों पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है और जुलाई के पहले सप्ताह तक उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
समाजवादी पार्टी नेतृत्व का मानना है कि पिछले चुनावों के अनुभवों को देखते हुए गठबंधन और उम्मीदवार चयन दोनों स्तरों पर विशेष सावधानी बरती जा रही है। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चुनाव के समय किसी प्रकार की आंतरिक नाराजगी या असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो और गठबंधन पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरे।













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