नई दिल्ली:दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई हिंसा के मामले की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच मुख्य आरोपियों अंसार, सोनू और नाबालिग से सघन पूछताछ कर रही है। साथ ही अबतक की तफ्तीश के आधार पर पुलिस ने 30 ऐसे संदिग्ध नंबरों की पहचान की है, जिससे घटना के कई राज खुल सकते हैं। ये नंबर अबतक गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नेटवर्क से ही जुड़े हैं। इसमें भी खासतौर पर ये नंबर मुख्य तीनों आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े बताए गए हैं।
पुलिस फोन से जुड़ी घटना वाले दिन की लोकेशन से लेकर कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) को खंगालने में जुटी है। ये 30 संदिग्ध नंबर पुलिस की जांच रडार पर हैं। पुलिस के लिए अंसार, सोनू व नाबालिग के कनेक्शन से जुड़े ये 30 नंबर जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसमें भी कुछ संदिग्ध नंबर तो आरोपियों के सीधे संपर्क के बताए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस यह जानना चाहती है कि इनमें से कितने आरोपियों के परिजनों के हैं और कितने संदिग्धों के।
कुछ बंगाल से जुड़े
दरअसल, पुलिस ने वीडियो के जरिये कई संदिग्धों के चेहरे की पहचान की और लोकल इनपुट से इनके बारे में इनपुट भी हासिल किया है कि ये हिंसा में शामिल थे और फरार चल रहे हैं। क्राइम ब्रांच की बंगाल पहुंची टीमें इनमें कुछ संदिग्ध नंबरों की लोकेशन के बंगाल में होने की जानकारी मिलने के बाद पहुंची है, ताकि पता लगाया जा सके। दरअसल, संदिग्ध नंबरों में से कुछ नंबर कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में भी सामने आए। जब इनकी जांच हुई तो यह पता चला कि इनका संबंध बंगाल से है, इसलिए क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल करने के अलावा इन नंबरों के आधार पर भी संदिग्धों की तलाश कर रही है।
फुटेज से 300 संदिग्धों की पहचान
सूत्रों के मुताबिक जहांगीरपुरी हिंसा से जुड़े वीडियो, फोटो, सीसीटीवी फुटेज और लोकल इनपुट के आधार में क्राइम ब्रांच ने करीब 300 संदिग्धों की पहचान की है। हालांकि, पुलिस अभी उनकी भूमिका की जांच कर रही है। यह भी पता चला है कि शोभा यात्रा पर पथराव शुरू हुआ और हिंसा की घटनाएं हुईं तो उस समय मौके पर दोनों पक्षों से करीब पांच हजार लोग एकत्र हुए थे।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
