डेस्क : कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर कंपनियों का निवेश लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अधिकांश संगठन अब भी यह साबित नहीं कर पा रहे हैं कि इस निवेश से उन्हें वास्तविक व्यावसायिक लाभ कितना मिला है। यह जानकारी कॉमविवा की ‘ग्लोबल सीएमओ सर्वे रिपोर्ट 2026’ में सामने आई है।
‘द एआई एफिशिएंसी डिवाइड: मेजरिंग एआईज़ रियल वैल्यू बियॉन्ड द हाइप’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में 90 प्रतिशत संगठनों ने एआई आधारित विपणन गतिविधियों पर अपना निवेश बढ़ाया है, लेकिन केवल 12 प्रतिशत कंपनियां ही यह माप सकी हैं कि इस निवेश से उन्हें कितना अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई अब केवल प्रयोगात्मक तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि व्यवसायों की मुख्य रणनीति का हिस्सा बनती जा रही है। इसके बावजूद अधिकांश कंपनियां यह निर्धारित करने में कठिनाई महसूस कर रही हैं कि एआई पर किया गया खर्च वास्तविक कारोबारी परिणामों में कितना योगदान दे रहा है।
सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले एक वर्ष के दौरान 86 प्रतिशत विपणन प्रमुखों से उनके निदेशक मंडल या शीर्ष प्रबंधन ने एआई पर किए गए खर्च का औचित्य बताने को कहा। हालांकि केवल 16 प्रतिशत अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वे अपने एआई बजट को ठोस और मापनीय व्यावसायिक लाभ के आधार पर सही ठहरा सकते हैं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 67 प्रतिशत संगठन एआई परियोजनाओं की वास्तविक लागत का सही आकलन नहीं कर पाते। इसमें क्लाउड अवसंरचना, हार्डवेयर, डेटा प्रबंधन, विशेषज्ञ मानव संसाधन तथा तकनीकी एकीकरण जैसे खर्च शामिल हैं। वहीं 79 प्रतिशत कंपनियां अभी भी सटीक आंकड़ों के बजाय अनुमान के आधार पर एआई निवेश का मूल्यांकन कर रही हैं।
कॉमविवा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश चंदिरामानी ने कहा कि एआई का दौर अब प्रयोगों से आगे बढ़कर जवाबदेही और परिणामों के मूल्यांकन की दिशा में प्रवेश कर चुका है। उनके अनुसार, आने वाले समय में वही संगठन सफल होंगे जो एआई निवेश के वास्तविक व्यावसायिक प्रभाव को स्पष्ट रूप से साबित कर सकेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, एआई के कुछ उपयोग ऐसे हैं जो अपेक्षाकृत बेहतर व्यावसायिक परिणाम दे रहे हैं। ग्राहक वर्गीकरण और लक्ष्य निर्धारण को 57 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सबसे प्रभावी उपयोग बताया। इसके बाद 43 प्रतिशत ने अभियान स्वचालन एवं अनुकूलन तथा 41 प्रतिशत ने भविष्यवाणी आधारित वैयक्तिकरण और सिफारिश प्रणालियों को प्रमुख उपयोग क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया।
यह सर्वेक्षण दूरसंचार, खुदरा और ई-कॉमर्स क्षेत्रों से जुड़े 200 से अधिक वरिष्ठ सूचना प्रौद्योगिकी एवं व्यावसायिक अधिकारियों के बीच किया गया। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि एआई में केवल निवेश करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसके वास्तविक व्यावसायिक मूल्य को मापने और सिद्ध करने की क्षमता ही भविष्य में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का आधार बनेगी।













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