डेस्क : भारत अंतरराष्ट्रीय धान सम्मेलन (भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस-बीआईआरसी) 2025 को दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा समर्पित धान सम्मेलन घोषित किया गया है। वैश्विक परामर्श एवं पेशेवर सेवा कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) द्वारा तैयार पोस्ट कॉन्फ्रेंस इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, बीआईआरसी 2025 में कुल 10,854 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 90 से अधिक देशों के 1,083 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल थे। सम्मेलन में धान मूल्य श्रृंखला से जुड़े 154 प्रदर्शकों ने भी भागीदारी की। ईवाई ने इसे सहभागिता और पैमाने के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा धान-केंद्रित आयोजन बताया है।
रिपोर्ट के मुताबिक सम्मेलन के दौरान लगभग 3.02 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 33,453 करोड़ रुपये) के निर्यात संबंधी व्यावसायिक प्रतिबद्धताएं दर्ज की गईं। यह 86.3 लाख मीट्रिक टन धान व्यापार से जुड़ी संभावित प्रतिबद्धताओं के बराबर है। इसके अलावा 3,200 से अधिक व्यावसायिक अवसरों और संपर्कों का सृजन हुआ, जिससे धान उद्योग को व्यापक कारोबारी लाभ मिलने की संभावना है।
सम्मेलन ने निर्यातकों, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, किसानों, राइस मिलर्स, शिपिंग कंपनियों, कस्टम हाउस एजेंटों, गुणवत्ता निरीक्षण एजेंसियों, मशीनरी निर्माताओं, कृषि-प्रौद्योगिकी कंपनियों और नीति-निर्माताओं सहित पूरे धान पारिस्थितिकी तंत्र को एक मंच पर लाने का कार्य किया।
ईवाई की रिपोर्ट के अनुसार सम्मेलन में 5,000 से अधिक किसानों ने भाग लिया तथा 28 भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त धान किस्मों का प्रदर्शन किया गया। कृषि, प्रसंस्करण, व्यापार, लॉजिस्टिक्स, वित्त और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के बीच व्यापक संवाद और सहयोग को भी बढ़ावा मिला।
सम्मेलन को व्यापक जनसंपर्क और मीडिया कवरेज भी प्राप्त हुआ। रिपोर्ट के अनुसार आयोजन को 16.9 करोड़ मीडिया इम्प्रेशन, 3.7 करोड़ से अधिक पारिस्थितिकी तंत्र दृश्यता इम्प्रेशन तथा 32 लाख से अधिक हितधारक संवाद प्राप्त हुए। इस दौरान भारत की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित धान छंटाई तकनीक भी प्रस्तुत की गई, जिसे राइस मिलिंग उद्योग के लिए महत्वपूर्ण नवाचार माना जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बीआईआरसी ने विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और वैश्विक उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों को एक साथ लाकर सहयोग का प्रभावी मंच तैयार किया है। ईवाई के अनुसार यह आयोजन भविष्य में वैश्विक धान व्यापार, साझेदारी, बाजार पारदर्शिता और भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।
पहले संस्करण की सफलता के बाद बीआईआरसी 2026 का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा। आयोजकों का लक्ष्य अगले संस्करण को लगभग तीन गुना बड़ा बनाना है, जिसमें 30,000 से अधिक प्रतिभागियों और 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
आगामी सम्मेलन में तीसरे दिन एक विस्तृत खाद्य महोत्सव का भी आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें लगभग पांच लाख संपन्न परिवारों को आमंत्रित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त नौ विशेष अनुभव क्षेत्रों के माध्यम से भारत की धान उत्पादन क्षमता, मूल्य संवर्धित उत्पादों, खाद्य नवाचारों, स्थिरता, प्रौद्योगिकी और वैश्विक व्यापार अवसरों का प्रदर्शन किया जाएगा।
ईवाई का मानना है कि बदलती वैश्विक खाद्य व्यवस्था और बढ़ते धान व्यापार के बीच बीआईआरसी तेजी से विश्व के सबसे प्रभावशाली धान-केंद्रित अंतरराष्ट्रीय मंचों में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।













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