डेस्क:अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड उतरौला के जलालुद्दीन उर्फ झांगुर बाबा पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। अब सोमवार को पुलिस की सुरक्षा में तहसीलदार ने उसकी आलीशान कोठी पर नोटिस चस्पा किया है। नोटिस में लिखा है कि वह अपने इस अतिक्रमण को सात दिन में हटा ले वरना इसे ध्वस्त कर दिया जाएगा। यह नोटिस झांगुर की सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर है। इस नोटिस के बाद ही यह कयास लगाया जाने लगा कि कोठी झांगुर ने नीतू के नाम पर तो नहीं कर दी थी।
नीतू और उसके पति नवीन रोहरा को झांगुर मुम्बई से अपने जाल में फंसा कर ले आया था। यहां इस दम्पत्ति और इनकी बेटी को इस्लाम धर्म कुबूल करवा दिया था। सोमवार देर शाम उतरौला तहसील के तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति व उतरौला कोतवाली के इंस्पेक्टर अवधेश राज सिंह भारी पुलिस बल के साथ मधपुर स्थित झांगुर की इस कोठी पर पहुंचे। यहां उन्होंने नीतू के नाम की नोटिस चस्पा की है। नोटिस चस्पा कराने के बाद पुलिस ने कहा कि झांगुर द्वारा ग्राम सभा मधपुर में स्थित गाटा संख्या: 337/370 के सम्पूर्ण रकबा 0.0060 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर इन लोगों ने अवैध रूप से कोठी बनवा ली है। इनके विरुद्ध बेदखली का आदेश भी पारित कर दिया गया है।
सात दिन में नहीं हटा अतिक्रमण तो बलपूवर्क हटाया जाएगा
प्रशासन ने उन्हें चेतावनी दी है कि अतिक्रमण सात दिन में हटाने की चेतावनी दी है, अन्यथा उक्त अतिक्रमण नियमानुसार बल पूर्वक हटवा दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में झांगुर बाबा के आलीशान कोठी पर जल्द ही बुलडोजर चलने की संभावना व्यक्त की है। कोतवाली उतरौला के प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने बताया कि एटीएस व अन्य उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुकदमों में पैरवी कराने के लिए लिपिक के सम्पर्क में आया झांगुर
उतरौला क्षेत्र में जमीनों की खरीद फरोख्त को लेकर झांगुर बाबा और अहमद नामक के बीच वर्चस्व को लेकर लड़ाई चल रही थी। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ स्थानीय न्यायालय में मुकदमा पंजीकृत करा रखा था। अहमद के कुछ मामले उतरौला न्यायालय से खारिज हो गए थे, जिसकी अपील उसने जनपद स्तर पर की थी। मुकदमों की पैरवी के दौरान झांगुर बाबा और न्यायालय के लिपिक राजेश उपाध्याय से उसकी मुलाकात हुई। बताया जाता है कि उसने कई मुकदमों में झांगुर की पैरवी की। कुछ ऐसे मामले थे जो उसी के स्तर के थे। प्रगाढ़ सम्बन्ध के बाद दोनों एक-दूसरे के सहयोगी हो गए और पुणे महाराष्ट्र में खरीदी गई 16 करोड़ रुपए की जमीन के एग्रीमेंट में न्यायालय के लिपिक राजेश उपाध्याय की पत्नी संगीता को हिस्सेदार बना दिया गया।
एग्रीमेंट में संगीता को मुनाफा देने का है जिक्र
झांगुर बाबा ने पुणे के जिस जमीन को खरीदा था, उसमें न्यायालय के लिपिक राजेश उपाध्याय की पत्नी संगीता को कारोबार में मुनाफे का अंश दिए जाने का उल्लेख है। हालांकि इस सन्दर्भ में जब लिपिक राजेश उपाध्याय से सम्पर्क किया तो उसने यही बताया कि उसका या उसकी पत्नी का किसी भी कोई दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं है। न ही इस एग्रीमेंट में कोई कागजात लगा हुआ है। हालांकि एटीएस ने इस मामले में राजेश और उनकी पत्नी को आरोपी बनाया है जिससे जल्द ही पूछताछ होगी।
उतरौला बलरामपुर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अवधेश राज सिंह ने बताया कि एटीएस के निर्देशानुसार तहसीलदार के नेतृत्व में पुलिस बल कथित झांगुर बाबा के आवास पर नोटिस चस्पा किया है। जो भी कार्रवाई हो रही है वह एसडीएम और एटीएस के निर्देशानुसार हो रही है। चेतावनी दे दी गई है। निर्धारित समय में अगर अतिक्रमण को नहीं हटाया गया तो आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।













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