नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप ) में हालिया टूट और कुछ नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस घटनाक्रम को लेकर जहां विपक्ष लगातार आप पर निशाना साध रहा है, वहीं पार्टी ने भी तीखा पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
आप नेताओं का कहना है कि पार्टी को कमजोर करने और उसके नेताओं को तोड़ने की कोशिशें लंबे समय से की जा रही हैं। पार्टी ने दावा किया है कि यह सब एक सुनियोजित रणनीति के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पंजाब में उसकी सरकार और संगठनात्मक ढांचे को नुकसान पहुंचाना है।
पार्टी की ओर से कहा गया है कि हाल के घटनाक्रमों से संगठन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा और जनता का भरोसा अभी भी मजबूत है। आप प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार अपने विकास कार्यों पर लगातार ध्यान दे रही है।
इस बीच आप ने यह भी कहा है कि पंजाब की जनता राजनीतिक अस्थिरता और “तोड़फोड़ की राजनीति” को समझती है और समय आने पर इसका जवाब देगी। पार्टी का कहना है कि जो लोग इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं, उन्हें जनता माफ नहीं करेगी।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में कुछ सांसदों और नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद AAP के भीतर असंतोष और राजनीतिक हलचल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष इसे पार्टी के भीतर संकट के रूप में देख रहा है, जबकि AAP इसे बाहरी दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप बता रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम के बाद पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में सियासी बयानबाज़ी और तेज हो सकती है।













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