• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
ईरान संघर्ष के एक महीने बाद: ट्रंप को कम फायदा, ज्यादा नुकसान

ईरान युद्ध में अमेरिका की ताकत पर चोट: हजारों मिसाइलें खर्च, रक्षा भंडार पर संकट

April 24, 2026
अल्पकालिक युद्ध की तैयारी में भारत, ₹52,000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी

अल्पकालिक युद्ध की तैयारी में भारत, ₹52,000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी

July 5, 2026
जी-7 में ट्रंप का बड़ा बयान: अमेरिका के बिना इज़राइल का अस्तित्व मुश्किल था

‘नेतन्याहू जानते हैं असली बॉस कौन है’: ट्रंप के बयान से मची सियासी हलचल

July 5, 2026
अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, टी20 में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय स्पिनर बने

अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, टी20 में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय स्पिनर बने

July 5, 2026
पाक अधिकृत क्षेत्रों में उठता विरोध और शासन पर सवाल

पीओके में आज बड़ा जनविरोध प्रदर्शन, लाखों लोगों के सड़कों पर उतरने की आशंका

July 5, 2026
राजस्थान में मानसून की वापसी: झमाझम बारिश से राहत, जलभराव और यातायात बाधित

उत्तर भारत में मौसम का तांडव: आज तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी

July 5, 2026
पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल, राजा वड़िंग ने सीएम दावेदारी से किया इनकार

पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल, राजा वड़िंग ने सीएम दावेदारी से किया इनकार

July 5, 2026
प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर की प्रतिष्ठा दांव पर, बांकीपुर में भाजपा से आर-पार की लड़ाई

July 5, 2026
तू चीज़ बड़ी है मस्त मस्त’ के पीछे कौन था असली लेखक? जानिए पूरी कहानी

तू चीज़ बड़ी है मस्त मस्त’ के पीछे कौन था असली लेखक? जानिए पूरी कहानी

July 5, 2026
आलिया भट्ट ने नए घर का वीडियो वायरल होने पर जताई नाराजगी

आलिया भट्ट के करियर पर बड़ा धब्बा, एक फिल्म को मिली बेहद कम रेटिंग

July 5, 2026
अडाणी समूह पर अमेरिकी समन विवाद: शेयरों में एक लाख करोड़ का नुकसान

अडानी केस खारिज करने की मांग, अमेरिकी न्याय विभाग ने कोर्ट में दिया अहम बयान

July 5, 2026
आईपीओ

सेबी ने मनीव्यू और चंदन स्टील के आईपीओ को दी हरी झंडी

July 5, 2026
इनकम टैक्स रिटर्न 2026-27: विभाग ने अधिसूचित किए सभी ITR फॉर्म

नहीं देना पड़ेगा टैक्स, फिर भी जरूरी हो सकता है ITR दाखिल करना

July 5, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Sunday, July 5, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home ओपिनियन

ईरान युद्ध में अमेरिका की ताकत पर चोट: हजारों मिसाइलें खर्च, रक्षा भंडार पर संकट

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
April 24, 2026
in ओपिनियन
Reading Time: 1 min read
A A
0
ईरान संघर्ष के एक महीने बाद: ट्रंप को कम फायदा, ज्यादा नुकसान

The image was created by Gemini

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान के साथ जारी संघर्ष एक बड़े रणनीतिक और सैन्य झटके के रूप में सामने आया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इस युद्ध में अमेरिकी सेना ने अत्यधिक मात्रा में आधुनिक और महंगे हथियारों का इस्तेमाल किया है, जिससे देश के रक्षा भंडार पर गंभीर दबाव उत्पन्न हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस संघर्ष के दौरान अमेरिका ने लगभग 1200 पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर और करीब 1000 टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइलें दागी हैं। इन हथियारों की भारी खपत ने अमेरिकी सैन्य रणनीति और आपूर्ति श्रृंखला दोनों को प्रभावित किया है।

अरबों डॉलर का सैन्य खर्च

टॉमहॉक मिसाइलें अमेरिका की सबसे सटीक और लंबी दूरी तक मार करने वाली क्रूज़ मिसाइलों में गिनी जाती हैं, जिनकी कीमत प्रति यूनिट करोड़ों रुपये में होती है। इतनी बड़ी संख्या में इनका उपयोग होने से कुल खर्च अरबों डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेजी से हथियारों की खपत सामान्य स्थिति में कई वर्षों तक चलने वाले स्टॉक को कुछ ही समय में कम कर सकती है।

वायु रक्षा प्रणाली पर असर

पैट्रियट मिसाइल प्रणाली अमेरिका की प्रमुख वायु रक्षा तकनीक मानी जाती है, जिसका उपयोग दुश्मन की मिसाइलों और हवाई हमलों को रोकने के लिए किया जाता है। बड़ी संख्या में इनके उपयोग से अमेरिकी रक्षा प्रणाली की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की खपत भविष्य में किसी बड़े वैश्विक संघर्ष की स्थिति में अमेरिका की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को कमजोर कर सकती है।

पेंटागन की चिंता

पेंटागन के भीतर इस बात को लेकर चिंता जताई जा रही है कि ईरान के साथ संघर्ष में हथियारों का अत्यधिक उपयोग अमेरिका की दीर्घकालिक सैन्य संतुलन को प्रभावित कर सकता है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन हाई-टेक हथियारों की पुनः आपूर्ति और उत्पादन में लंबा समय लगता है।

रणनीतिक चुनौतियाँ बढ़ीं

इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका की सैन्य रणनीति को नए सवालों के घेरे में ला दिया है। जहां एक ओर युद्ध में तत्काल सैन्य बढ़त हासिल करने की कोशिश की गई, वहीं दूसरी ओर भविष्य की तैयारी और वैश्विक शक्ति संतुलन को लेकर चुनौतियाँ गहरी होती दिखाई दे रही हैं।

निष्कर्ष
ईरान संघर्ष ने न केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाया है, बल्कि अमेरिका की सैन्य क्षमता और हथियार भंडार की वास्तविक स्थिति को भी उजागर कर दिया है। भारी मात्रा में हथियारों की खपत आने वाले समय में अमेरिकी रक्षा नीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।

Previous Post

“पीठ पर छुरा घोंपा, गद्दारी की”—टूट पर ‘आप’ का तीखा पलटवार

Next Post

‘पीठ में छुरा घोंपा गया’: भगवंत मान का तीखा बयान, आम आदमी पार्टी में बड़ा संकट

Next Post
पंजाब की राजनीति में हलचल, मोगा रैली के बाद बड़ा फैसला संभव

‘पीठ में छुरा घोंपा गया’: भगवंत मान का तीखा बयान, आम आदमी पार्टी में बड़ा संकट

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • अल्पकालिक युद्ध की तैयारी में भारत, ₹52,000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी
  • ‘नेतन्याहू जानते हैं असली बॉस कौन है’: ट्रंप के बयान से मची सियासी हलचल
  • अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, टी20 में 100 विकेट लेने वाले पहले भारतीय स्पिनर बने
  • पीओके में आज बड़ा जनविरोध प्रदर्शन, लाखों लोगों के सड़कों पर उतरने की आशंका
  • उत्तर भारत में मौसम का तांडव: आज तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In