नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है। गुरुवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने यह जानकारी दी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वॉशिंगटन भारत के साथ व्यापार समझौते के “बहुत करीब” है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, “बातचीत चल रही है। दोनों पक्ष संपर्क में हैं और मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।”
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत मुख्य रूप से इस उद्देश्य से हो रही है कि टैरिफ दरें 20 प्रतिशत से नीचे रखी जा सकें।
ट्रंप ने बुधवार को कहा, “हम भारत के साथ एक समझौते के बहुत करीब हैं, जिसमें वे अपने बाज़ार को खोलेंगे।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह प्रस्तावित समझौता अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाज़ार में अधिक पहुंच प्रदान कर सकता है — कुछ हद तक वैसे ही जैसे अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच हुआ है।
वॉशिंगटन ने पहले ही कई देशों को पत्र भेजकर 1 अगस्त से लागू होने वाली पारस्परिक टैरिफ दरों का विवरण साझा कर दिया है।
भारत को उम्मीद है कि वह अमेरिका के साथ ऐसा समझौता कर लेगा, जिससे इन टैरिफों से बचा जा सके।
हालांकि, भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह जल्दबाज़ी में कोई व्यापार समझौता नहीं करेगा।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि भारत किसी भी व्यापार समझौते को समयसीमा के आधार पर नहीं करता, और अमेरिका के साथ प्रस्तावित समझौते को केवल तभी स्वीकार करेगा जब वह पूरी तरह से अंतिम रूप ले ले और राष्ट्रहित में हो।
वाणिज्य मंत्रालय की एक टीम फिलहाल वॉशिंगटन में प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर एक और दौर की बातचीत में भाग ले रही है।
भारत ने अमेरिका की उस मांग के प्रति सख्त रुख अपनाया है जिसमें कृषि और डेयरी उत्पादों पर ड्यूटी रियायतें मांगी गई हैं। अब तक भारत ने अपने किसी भी मुक्त व्यापार समझौते में डेयरी क्षेत्र में किसी साझेदार को ड्यूटी में रियायत नहीं दी है।
भारत अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त 26% टैरिफ को हटाने की मांग कर रहा है। साथ ही स्टील और एल्युमीनियम (50%) तथा ऑटोमोबाइल (25%) सेक्टर पर लगाई गई शुल्कों में ढील की भी अपेक्षा कर रहा है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने 2 अप्रैल को भारत समेत कई देशों पर भारी टैरिफ की घोषणा की थी, जिसे पहले 90 दिनों के लिए 9 जुलाई तक टाल दिया गया और फिर इसे 1 अगस्त तक आगे बढ़ा दिया गया।
जहां तक भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते की बात है, इस पर भी बातचीत “बेहद सकारात्मक गति से” आगे बढ़ रही है। प्रवक्ता जायसवाल ने बताया कि 7 से 11 जुलाई के बीच ब्रसेल्स में 12वां दौर आयोजित हुआ और अगला दौर सितंबर में नई दिल्ली में होने वाला है।
उन्होंने कहा, “बातचीत अच्छी प्रगति कर रही है। सकारात्मक गति बनी हुई है और हम एक बेहतर परिणाम की आशा करते हैं।”













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

