नई दिल्ली: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए दर्दनाक फाइटर जेट दुर्घटना के बाद भारत ने तत्काल चिकित्सीय सहायता पहुंचाने का फैसला लिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को बताया कि जल्द ही एक विशेष टीम, जिसमें जलन विशेषज्ञ डॉक्टर और नर्सें शामिल होंगी, ढाका रवाना होगी।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “21 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ढाका में हुए हवाई हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया था।”
इस आश्वासन के तहत ही भारत द्वारा चिकित्सीय सहायता भेजी जा रही है। मंत्रालय के अनुसार, “एक टीम जिसमें जलन विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सें और आवश्यक मेडिकल उपकरण शामिल होंगे, जल्द ही ढाका पहुंचेगी। यह टीम घायलों की स्थिति का आकलन करेगी और जरूरत पड़ी तो भारत में विशेष इलाज की सिफारिश करेगी। प्रारंभिक जांच के आधार पर आगे और मेडिकल टीमें भी भेजी जा सकती हैं।”
यह चिकित्सा सहायता ढाका के दिआबाड़ी इलाके में हुई फाइटर जेट दुर्घटना में घायलों के उपचार के लिए भेजी जा रही है। इस दुर्घटना में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है।
ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने भी मंगलवार को कहा, “प्रधानमंत्री की संवेदना और सहायता के संदेश के बाद, हमने बांग्लादेश सरकार को औपचारिक रूप से पत्र भेजा है, जिसमें घायल लोगों के लिए यदि किसी विशेष प्रकार की चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो, तो भारत में उसका प्रबंध करने की पेशकश की गई है। उच्चायोग हरसंभव सहयोग देगा।”
इस बीच, बांग्लादेश की सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) ने स्पष्ट किया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान एक युद्ध अभ्यास मिशन पर था।
मंगलवार सुबह बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक सईदुर रहमान ने जानकारी दी कि मृतकों की संख्या 27 हो गई है।
घटना के बाद पूरे बांग्लादेश में राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया जा रहा है।
यह दुखद दुर्घटना सोमवार दोपहर ढाका के मिलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज परिसर में उस वक्त हुई जब बांग्लादेश एयरफोर्स का एफ-7 बीजेआई फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहम्मद तौकीर इस्लाम सागर की भी इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई।
बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने शोक संदेश में उन्होंने लिखा—
“यह एक अपूरणीय क्षति है—केवल वायुसेना के लिए नहीं, बल्कि उन सभी के लिए जो इस हादसे से प्रभावित हुए हैं। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ यह संपूर्ण राष्ट्र के लिए अत्यंत दुखद घड़ी है।”
उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए संबंधित सभी विभागों और अस्पतालों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दुर्घटना की जांच और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने की बात भी कही।













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