डेस्क:उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से बीजू जनता दल ने दूरी बना ली है। पार्टी प्रमुख नवीन पटनायक के दिल्ली पहुंचने के बाद बीजद ने स्थिति साफ कर दी है। हालांकि, अटकलें लंबे समय से जारी थी कि बीजद दूरी बना सकती है। पार्टी का कहना है कि वह सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी गठबंधन INDIA से समान दूरी बनाकर रखेगा। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है।
क्या हो सकती है वजह
इसकी वजह बीजद की न्यूट्रल रहने की रणनीति मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस फैसले के जरिए एनडीए को नाराज भी नहीं करना चाहते और पक्ष में खड़े भी नहीं दिखना चाहते। राष्ट्रीय राजनीति में अकसर नवीन पटनायक की पार्टी या तो सत्ता पक्ष के साथ रही है या फिर न्यूट्रल ही रही है। बीते उपराष्ट्रपति चुनाव में बीजद ने एनडीए उम्मीदवार के लिए मतदान किया था।
बीजद सांसद सास्मित पात्रा ने कहा, ‘बीजू जनता दल ने कल होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से दूरी बनाने का फैसला किया है। बीजू जनता दल एनडीए और INDIA दोनों से ही समान दूरी बनाए रखेगा। हम ओडिशा के विकास और कल्याण और ओडिशा के 4.5 करोड़ लोगों पर ध्यान लगा रहे हैं।’
बीजद ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसे चुनावों में राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का समर्थन किया था लेकिन राज्य की सत्ता गंवाने के बाद वह असमंजस में है। पिछले साल विधानसभा चुनावों में भाजपा से हारने के बाद अब बीजद राज्य में मुख्य विपक्षी दल है।
बीजद ने 2012 के उपराष्ट्रपति चुनाव में भाग नहीं लिया था, जिसमें हामिद अंसारी जीते थे। इसने 2017 के चुनाव में गैर-राजग उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी का समर्थन किया था, जिसमें वेंकैया नायडू निर्वाचित हुए थे। 2022 में, पार्टी ने राजग उम्मीदवार जगदीप धनखड़ का समर्थन किया था।













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