चंडीगढ़ : विभिन्न गौशालाओं में रखे गए करीब एक हजार गोवंश की देखरेख को लेकर प्रशासन सख्त हुआ है। माखन माजरा इलाके (रायपुर कलां) स्थित पशु अवशेष निस्तारण केंद्र में बड़ी संख्या में गोवंश के क्षत-विक्षत शव मिलने की घटना के बाद, चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गौशालाओं में सीसीटीवी निगरानी को कड़ाई से लागू किया जाए और उसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि चौबीसों घंटे निगरानी बनी रहे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए यूटी प्रशासन ने मृत गोवंश का पोस्टमॉर्टम कराने और पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सामने आने की संभावना है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने मौली जागरण थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायत माखन माजरा गौशाला प्रबंधन समिति की ओर से दी गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चारे, पीने के पानी, चिकित्सा सुविधाओं और पर्याप्त आश्रय की कमी के कारण कई मवेशियों की मौत हुई। 13 जनवरी को किए गए निरीक्षण के दौरान गोवंश ठंड, भूख और बीमारी से पीड़ित अवस्था में मिले। उस समय मौके पर 50 से 60 मवेशी मृत पाए गए, जबकि न तो कोई पशु चिकित्सक मौजूद था और न ही उपचार की व्यवस्था। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
मुख्य सचिव ने रायपुर कलां स्थित गौशालाओं, औद्योगिक क्षेत्र की दो गौशालाओं, माखन माजरा के इंसिनरेटर और पशु जन्म नियंत्रण केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोवंश और श्वानों की देखभाल, रखरखाव और कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी गौशालाओं को हर समय साफ-सुथरा और स्वच्छ रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उन्होंने निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि गोवंश के लिए उचित आवास, नियमित चारा और पर्याप्त पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं किसी भी सूरत में सुनिश्चित की जानी चाहिए।
माखन माजरा केंद्र में लगे इंसिनरेटर को लेकर उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण वह कुछ दिनों से बंद था और तत्काल मरम्मत संभव नहीं हो सकी। हालांकि, समस्या के समाधान की प्रक्रिया जारी है और इसे जल्द ही चालू कर दिया जाएगा।
जवाबदेही तय करने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गौशाला में तैनात सभी कर्मचारियों—पशु चिकित्सकों और सहायक स्टाफ सहित—का पूरा विवरण और दैनिक ड्यूटी रोस्टर प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि सीसीटीवी निगरानी का सख्ती से पालन और उसकी नियमित समीक्षा जरूरी है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही को रोका जा सके।
इस बीच, घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय टंडन ने नगर निगम द्वारा संचालित गौशाला में बड़ी संख्या में गोवंश के शव मिलने को “चौंकाने वाला और अस्वीकार्य” बताया। उन्होंने कहा कि आंख, खुर और सींग गायब होने जैसी रिपोर्टें बेहद चिंताजनक हैं और इससे जनता में भारी आक्रोश है। टंडन ने कहा कि नगर निगम ने कुछ अधिकारियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उधर, घटना के विरोध में गो-रक्षा संगठनों ने सेक्टर-26 ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट पर एक मृत बछड़े का शव रखकर प्रदर्शन किया। इस कारण यातायात बाधित हुआ और सड़क पर लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने गोवध पर सख्त प्रतिबंध और पशु तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।













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