डेस्क: इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड ने दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹2,448 करोड़ से घटकर ₹550 करोड़ रह गया, यानी लगभग 78% की बड़ी गिरावट। प्रॉफिट में गिरावट के पीछे मुख्य कारण नए लेबर कोड के लागू होने, उड़ानों में व्यवधान और DGCA द्वारा ₹22.2 करोड़ का जुर्माना बताए गए हैं।
क्या है मामला:
दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो ने सैकड़ों उड़ानें रद्द की थीं। एयरलाइन ने बताया कि नए उड़ान ड्यूटी नियमों को लागू करने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं थी। इससे देशभर में हजारों यात्री फंस गए।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इस पर चार सदस्यीय समिति बनाई और व्यवधानों की समीक्षा की। 27 दिसंबर को रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद, DGCA ने ₹22.2 करोड़ का जुर्माना लगाया और एयरलाइन के प्रमुख पीटर एल्बर्स समेत दो वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। DGCA ने 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी और निर्देशित किया कि एयरलाइन दीर्घकालिक सुधारात्मक उपाय लागू करे।
DGCA की ताजा स्थिति:
DGCA ने हाल ही में बताया कि एयरलाइन ने सुधारात्मक कदम उठाए हैं और अब परिचालन स्थिर हो गया है। नियामक के अनुसार, इंडिगो के पास नए नियमों के अनुसार उड़ान ड्यूटी सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पायलट हैं। समीक्षा बैठक में एयरलाइन ने बताया कि 2,280 की आवश्यकता के मुकाबले 2,400 ‘पायलट इन कमांड’ और 2,050 की आवश्यकता के मुकाबले 2,240 प्रथम अधिकारी उपलब्ध हैं।












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