नई दिल्ली : दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के पहले दिन अव्यवस्था और भारी भीड़ के कारण मचे हंगामे के बाद केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। दुनिया के सबसे बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आयोजनों में शामिल इस समिट को ‘एआई का महाकुंभ’ कहा जा रहा है, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत कई वैश्विक नेता भाग ले रहे हैं।
मंत्री ने स्वीकार की कमियां, सुधार का भरोसा
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समिट को लेकर लोगों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। उन्होंने माना कि पहले दिन कुछ व्यवस्थागत कमियां रहीं, जिससे आगंतुकों को असुविधा हुई। मंत्री के अनुसार, मंगलवार को 70,000 से अधिक लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
उन्होंने कहा, “यदि किसी को परेशानी हुई है तो हम उसके लिए क्षमा चाहते हैं। अब व्यवस्थाएं सुचारू कर दी गई हैं।” साथ ही बताया कि आयोजन की निगरानी के लिए 24 घंटे सक्रिय ‘वॉर रूम’ बनाया गया है, जो फीडबैक के आधार पर त्वरित सुधार सुनिश्चित कर रहा है।
पहले दिन क्यों बढ़ी अव्यवस्था?
सोमवार को उद्घाटन के दौरान बड़ी संख्या में स्टार्टअप संस्थापक, टेक कंपनियों के प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय मेहमान पहुंचे। प्रधानमंत्री के आगमन के मद्देनजर कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए थे। इसके चलते कई प्रवेश द्वारों पर लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
प्रदर्शकों का आरोप है कि सुरक्षा जांच के दौरान उन्हें अचानक अपने स्टॉल खाली करने को कहा गया, जबकि वापसी को लेकर स्पष्ट सूचना नहीं दी गई। इसके अलावा वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क की समस्या तथा सीमित बैठने की व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें सामने आईं।
स्टार्टअप समुदाय की नाराजगी
सोशल मीडिया पर कई उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए असंतोष जताया।
- कीमती उपकरण गायब होने का आरोप: ‘नियो सेपियन’ के सीईओ धनंजय यादव ने दावा किया कि सुरक्षा जांच के दौरान स्टॉल खाली कराने के बाद उनके एआई वियरेबल डिवाइस गायब हो गए।
- संचार में कमी: ‘रीस्किल’ के संस्थापक पुनीत जैन ने आयोजन को अव्यवस्थित बताते हुए स्पष्ट संवाद की कमी पर सवाल उठाए।
- वीआईपी संस्कृति पर सवाल: उद्यमी प्रियांशु रत्नाकर ने आरोप लगाया कि समिट में काम से ज्यादा दिखावे पर जोर रहा और आम प्रतिभागियों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा।
आयोजकों का आश्वासन
आलोचनाओं के बीच आयोजकों ने भरोसा दिलाया है कि 20 फरवरी तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन में भीड़ नियंत्रण और प्रवेश व्यवस्था को बेहतर किया गया है।
वैश्विक एआई विमर्श में भारत की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित यह समिट विकासशील देशों की आवाज को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। बड़ी टेक कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भागीदारी से आयोजकों को उम्मीद है कि आगामी दिन अधिक व्यवस्थित और सफल रहेंगे।












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