डेस्क : असम विधानसभा चुनावों के ठीक पहले पासपोर्ट विवाद ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जिन्होंने उनके परिवार के खिलाफ आरोप लगाए थे, वे अब भाग रहे हैं।
सीएम सरमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मामले को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि आरोप बिना सबूत और साज़िशपूर्ण थे। उन्होंने कहा, “जो लोग आरोप लगा रहे थे, वे अब अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी राजनीति का नुकसान कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा।”
क्या है मामला:
- कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयन सरमा के पास तीन विदेशी पासपोर्ट हैं और उनके परिवार की विदेशी संपत्तियाँ हैं।
- सीएम सरमा और उनकी पत्नी ने इन आरोपों को भ्रांत और फर्जी बताया और कहा कि ये आरोप राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं।
- रिनिकी भुइयन सरमा ने इस मामले में फोरजरी और मानहानि का एफआईआर दर्ज कराते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक विवाद:
- असम पुलिस की टीम मंगलवार को दिल्ली में पवन खेड़ा के आवास पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कांग्रेस नेता घर पर नहीं मिले।
- कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए असम सरकार की आलोचना की। भाजपा और असम सरकार ने इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
राजनीतिक संदर्भ:
यह विवाद विधानसभा चुनाव के ठीक पहले आया है और पूरे प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को बढ़ा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है, वहीं भाजपा इसे कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई बता रही है।












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