डेस्क : केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए आयकर अधिनियम 2025 और आयकर नियम 2026 के तहत पैन (PAN) कार्ड से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधानों में बदलाव किया गया है। नए नियमों के अनुसार अनेक वित्तीय लेनदेन में पैन नंबर प्रस्तुत करने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है, जबकि कई मामलों में इसकी सीमा बढ़ा दी गई है। साथ ही, पुराने फॉर्म-60 की जगह अब नया फॉर्म-97 लागू किया गया है।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि नए नियमों का उद्देश्य अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाना और रिपोर्टिंग व्यवस्था को अधिक व्यापक बनाना है।
नए लेनदेन भी आए रिपोर्टिंग के दायरे में
खैतान एंड कंपनी की पार्टनर शैली गुप्ता के अनुसार, नए नियमों में कुछ अतिरिक्त लेनदेन को भी आयकर विभाग को रिपोर्ट किए जाने वाले मामलों में शामिल किया गया है।
इसके तहत स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को स्टांप पेपर की खरीद से संबंधित लेनदेन की रिपोर्ट करनी होगी। नए प्रावधानों के अनुसार पैन उपलब्ध होने पर ₹2 लाख तक तथा पैन न होने की स्थिति में ₹1 लाख तक की खरीद रिपोर्टिंग के दायरे में आएगी।
इसी प्रकार बीमा प्रीमियम के रूप में प्राप्त राशि की रिपोर्टिंग भी अनिवार्य की गई है। इसके लिए पैन धारकों के लिए ₹5 लाख और बिना पैन वाले मामलों में ₹2.5 लाख की सीमा निर्धारित की गई है।
अचल संपत्ति लेनदेन का दायरा बढ़ा
अचल संपत्ति से जुड़े नियमों में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब केवल संपत्ति की खरीद-बिक्री ही नहीं, बल्कि गिफ्ट डीड और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) को भी रिपोर्टिंग के दायरे में शामिल किया गया है।
इसके अलावा, संपत्ति लेनदेन के लिए निर्धारित सीमा ₹30 लाख से बढ़ाकर ₹45 लाख कर दी गई है। यानी अब ₹45 लाख तक के ऐसे लेनदेन में पैन से जुड़े प्रावधानों में राहत मिलेगी।
नकद जमा और अन्य लेनदेन के लिए नई सीमाएं
नए नियमों के तहत बचत खाते में वार्षिक नकद जमा की सीमा भी बढ़ा दी गई है। पहले जहां ₹2.5 लाख तक की सीमा थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर ₹10 लाख कर दिया गया है।
विदेशी मुद्रा खरीद, बैंक ड्राफ्ट तथा पे-ऑर्डर खरीद जैसे लेनदेन के लिए भी नई सीमाएं निर्धारित की गई हैं। पैन उपलब्ध होने पर ₹10 लाख तक के लेनदेन की अनुमति होगी, जबकि कुछ मामलों में बिना पैन के यह सीमा ₹5 लाख तक रखी गई है।
होटल भुगतान और डेबिट कार्ड आवेदन में राहत
सरकार ने कुछ क्षेत्रों में पैन संबंधी नियमों को आसान भी बनाया है। अब डेबिट कार्ड जारी कराने के आवेदन में पैन कार्ड देना अनिवार्य नहीं रहेगा।
वहीं होटल और रेस्तरां में नकद भुगतान के लिए पैन की सीमा ₹50,000 प्रति लेनदेन से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है।
महंगे दोपहिया वाहन भी दायरे में
नए प्रावधानों के अनुसार ₹5 लाख से अधिक मूल्य के दोपहिया वाहन भी अब पैन नियमों के दायरे में शामिल किए गए हैं। हालांकि कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर को इस प्रावधान से बाहर रखा गया है।
नए आयकर नियमों के लागू होने के बाद वित्तीय लेनदेन की रिपोर्टिंग व्यवस्था अधिक व्यापक हो जाएगी, जबकि आम करदाताओं को कई मामलों में पैन संबंधी औपचारिकताओं से राहत मिलने की उम्मीद है।













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