डेस्क : हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे गीत हैं, जिन्होंने समय की कसौटी पर खुद को साबित किया है। इनमें एक गीत ऐसा भी है, जिसे रिलीज होने से पहले सेंसर बोर्ड की आपत्तियों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, यह गीत दो फिल्मों से बाहर कर दिया गया, लेकिन जब अंततः पर्दे पर आया तो दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया।
बताया जाता है कि संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने यह गीत सबसे पहले फिल्म मदारी के लिए तैयार किया था। हालांकि, सेंसर बोर्ड ने इसके कुछ बोलों पर आपत्ति जताई, जिसके बाद निर्माताओं ने इसे फिल्म से हटा दिया। बाद में इस गीत को अन्य फिल्मों में शामिल करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद वर्ष 1960 में रिलीज हुई फिल्म छलिया में इस गीत को जगह मिली। फिल्म में राज कपूर और नूतन मुख्य भूमिकाओं में थे। निर्देशक मनमोहन देसाई की सहमति के बाद गीत के बोलों में कुछ बदलाव किए गए और इसे फिर से रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, संशोधित संस्करण पर भी सेंसर बोर्ड ने कुछ आपत्तियां दर्ज कीं, जिसके बाद दोबारा परिवर्तन करने पड़े।
अंततः सभी आवश्यक बदलावों के बाद यह गीत फिल्म में शामिल किया गया। रिलीज के साथ ही गीत ने लोकप्रियता के नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए। यह गीत था “डम डम डिगा डिगा, मौसम भीगा भीगा”।
आज भी यह गीत हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय वर्षा-गीतों में गिना जाता है। छह दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसकी लोकप्रियता बरकरार है और यह भारतीय फिल्म संगीत की अमूल्य धरोहर माना जाता है।













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