जयपुर :अजमेर रोड स्थित तिवाड़ी कॉलोनी में आयोजित रविवारीय विशेष प्रवचन में जैन संत मुनि तत्त्व रुचि ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ और क्षणभंगुर है। इसे आलस्य, प्रमाद और भौतिक उपलब्धियों की दौड़ में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए, बल्कि आत्मकल्याण और परम सत्य की प्राप्ति के लिए समर्पित करना चाहिए।
मुनि श्री ने कहा कि अनगिनत योनियों और जन्मों की यात्रा के बाद मनुष्य जीवन प्राप्त होता है। इसलिए यह अवसर केवल सांसारिक सुख-सुविधाएँ अर्जित करने का नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और परमार्थ साधना का भी है। उन्होंने कहा, “यह जीवन प्रमाद करने का नहीं, परम को प्राप्त करने का सुअवसर है।”
महावीर वाणी का उल्लेख करते हुए मुनि श्री ने कहा कि समय का एक क्षण भी व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। वास्तविक ज्ञानी वही है जो समय का सदुपयोग आत्मकल्याण में करता है तथा भौतिक वस्तुओं को नश्वर, जीवन को अनित्य और मृत्यु को अवश्यंभावी मानकर जागरूकता के साथ जीवन जीता है। उन्होंने कहा कि जीवन की अस्थिरता का बोध ही व्यक्ति को सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर मुनि संभव कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन की कथा अंततः मृत्यु की व्यथा के साथ समाप्त होती है। उन्होंने जीवन की क्षणभंगुरता की तुलना ओस की बूंद से करते हुए कहा कि जीवन का अंत कब और कहाँ हो जाए, इसका कोई निश्चित समय नहीं है। इसलिए आवश्यक और शुभ कार्यों को कल पर टालने के बजाय आज ही पूर्ण करने का प्रयास करना चाहिए।
इससे पूर्व संत द्वय ने प्रातःकाल महाप्रज्ञ इंटरनेशनल स्कूल से विहार कर तिवाड़ी कॉलोनी में प्रवेश किया, जहाँ स्थानीय श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक उनका स्वागत किया। संतों का प्रवास श्री अशोक कुमार बैद के निवास पर चल रहा है तथा वहीं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम जयपुर के पदाधिकारियों ने भी संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त तेरापंथ युवक परिषद जयपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रवीण जैन (सवाई माधोपुर) ने भी संतों के समक्ष उपस्थित होकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर परिषद के अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संत द्वय का प्रवास 8 जून को भी तिवाड़ी कॉलोनी में रहेगा तथा प्रवचन एवं अन्य दैनिक धार्मिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।












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