कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान शनिवार को उस समय खुलकर सामने आ गई, जब पार्टी के एक गुट द्वारा टीएमसी कार्यालय पर कब्जे की कथित कोशिश का ममता बनर्जी समर्थकों ने विरोध किया। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
रिपोर्टों के अनुसार, टीएमसी के एक असंतुष्ट गुट ने कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय पर अपना दावा जताने का प्रयास किया। इसकी जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थक नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए तथा इस कार्रवाई का विरोध किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया, जिससे किसी तरह के टकराव की नौबत नहीं आई।
ममता समर्थक नेताओं का कहना है कि पार्टी कार्यालय पर कब्जे की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका आरोप है कि यह कदम संगठन को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही है।
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस का आंतरिक मामला है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस विवाद ने पार्टी के भीतर चल रहे गंभीर मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के भीतर बढ़ती गुटबाजी आने वाले समय में पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है। पार्टी नेतृत्व फिलहाल इस विवाद को नियंत्रित करने और संगठन में एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद का समाधान किस तरह करता है।













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