डेस्क : राजधानी के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कुछ छात्र पिछले करीब 12 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें बारिश से बचाव के लिए तिरपाल लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे अनशन पर बैठे लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार को प्रदर्शन स्थल पर उस समय भावुक माहौल बन गया जब सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तिरपाल लगाने की अनुमति देने की मांग करते हुए एक पुलिस अधिकारी से गुहार लगाई। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में दीपके अधिकारी के सामने हाथ जोड़कर अनुमति की अपील करते दिखाई देते हैं। इसके बाद वह घुटनों के बल बैठकर अधिकारी के पैर पकड़ लेते हैं और अपना सिर उनके जूतों पर रख देते हैं। वीडियो में उनके साथ मौजूद कुछ अन्य प्रदर्शनकारी भी पुलिस अधिकारियों से अनुरोध करते नजर आते हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी ने उन्हें समझाते हुए अपना पैर छुड़ा लिया।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि वे पिछले तीन दिनों से टेंट और तिरपाल लगाने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार बारिश के कारण अनशन पर बैठे लोग पूरी रात सो नहीं सके और उनका सामान भी भीग गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह से अनुमति मिलने की प्रतीक्षा के बावजूद तिरपाल अंदर ले जाने की मंजूरी नहीं दी गई।
बारिश के चलते आंदोलन पर भी असर देखने को मिला है। प्रदर्शन स्थल पर सामान्य दिनों की तुलना में समर्थकों की संख्या कम रही। गुरुवार को जंतर-मंतर पर भीड़ अपेक्षाकृत कम दिखाई दी, हालांकि तिरपाल को लेकर हुए विवाद के कारण पूरे दिन हलचल बनी रही। कई प्रदर्शनकारी भीगे हुए नजर आए, जबकि कुछ लोग पॉलिथीन ओढ़कर बारिश से बचने का प्रयास करते दिखे। अभिजीत दीपके ने ऐसे प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं।
फिलहाल पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।













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