डेस्क : हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल ‘जंजीर’ ने अमिताभ बच्चन के करियर को नई पहचान दी थी। वर्ष 1973 में रिलीज हुई इस फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड का नया सितारा बना दिया और बाद में वे ‘एंग्री यंग मैन’ के नाम से मशहूर हुए। हालांकि, यह कम ही लोग जानते हैं कि अमिताभ बच्चन से पहले यह फिल्म कई बड़े अभिनेताओं के पास गई थी, लेकिन अलग-अलग कारणों से उन्होंने इस फिल्म को करने से इनकार कर दिया था।
फिल्म के निर्माता प्रकाश मेहरा और लेखक जोड़ी सलीम-जावेद ने शुरुआत में ‘जंजीर’ के मुख्य किरदार के लिए उस दौर के कई लोकप्रिय अभिनेताओं से संपर्क किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, धर्मेंद्र, देव आनंद, राज कुमार और राजेश खन्ना जैसे बड़े सितारों के सामने इस फिल्म का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन किसी कारण से यह भूमिका उनके हाथ नहीं आई।
उस दौर में हिंदी फिल्मों में रोमांस, गीत-संगीत और पारंपरिक हीरो की छवि को अधिक महत्व दिया जाता था। ‘जंजीर’ का किरदार एक गंभीर, गुस्सैल और ईमानदार पुलिस अधिकारी का था, जो उस समय के प्रचलित फिल्मी नायकों से काफी अलग था। यही वजह मानी जाती है कि कई बड़े कलाकार इस भूमिका को लेकर आगे नहीं बढ़े।
बाद में यह किरदार अमिताभ बच्चन को मिला। उन्होंने इंस्पेक्टर विजय खन्ना की भूमिका में ऐसा प्रभाव छोड़ा कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई। ‘जंजीर’ की सफलता ने अमिताभ बच्चन को रातोंरात स्टार बना दिया और हिंदी सिनेमा में एक नए दौर की शुरुआत हुई।
फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ जया बच्चन और प्राण ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। आज भी ‘जंजीर’ को अमिताभ बच्चन के करियर की सबसे अहम फिल्मों में गिना जाता है, जिसने उनकी पहचान और लोकप्रियता को पूरी तरह बदल दिया।













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