डेस्क : केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए देश की कंप्यूटिंग क्षमता में बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में भारत को वैश्विक नेतृत्व की स्थिति में बनाए रखने के लिए निरंतर सीखने, नवाचार और नई तकनीकों को अपनाने की जरूरत है।
हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (HICC) में “विकसित भारत 2047 के निर्माण में प्रौद्योगिकी की भूमिका” विषय पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वैश्विक आईटी क्षेत्र को तेजी से बदल रहा है। ऐसे में भारत को अगली पीढ़ी की तकनीकी समाधानों के विकास पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
उन्होंने आईटी उद्योग से अपील की कि वह शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम करे, ताकि पाठ्यक्रमों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके और युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए सक्षम बनाया जा सके।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, वैष्णव ने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि भारत की कंप्यूट क्षमता को बढ़ाया जाएगा, क्योंकि वर्तमान समय में यह बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि एआई आधारित तकनीकों के विस्तार के लिए मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण आवश्यक है।
शिक्षण संस्थानों में बनेंगे सेक्टर आधारित डेटा ट्रस्ट
बैठक के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने भारतीय शिक्षण संस्थानों में क्षेत्र विशेष (सेक्टर-स्पेसिफिक) डेटा ट्रस्ट बनाने का सुझाव दिया। मंत्री ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आईआईटी हैदराबाद से की जा सकती है।
इन डेटा ट्रस्ट के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े भारतीय डेटासेट को सुरक्षित रूप से संरक्षित किया जाएगा। तय नीतियों के तहत स्टार्टअप, शोधकर्ता और कंपनियां इनका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग कर सकेंगी।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बढ़ती तैयारी
अश्विनी वैष्णव ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार की पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि देश के 315 विश्वविद्यालयों को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी मदद से छात्र इंडस्ट्री स्तर के प्लेटफॉर्म पर चिप डिजाइन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन चिप डिजाइनों को मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (SCL) में तैयार किया जाता है, जिससे छात्रों को डिजाइन से लेकर निर्माण और परीक्षण तक का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 13 लाख करोड़ रुपये के पार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 13 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है और यह क्षेत्र दोहरे अंक की वार्षिक वृद्धि दर से विस्तार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत का तीसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बन चुका है, जबकि मोबाइल फोन देश का सबसे बड़ा व्यक्तिगत निर्यात उत्पाद बन गया है। यह भारत के वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी केंद्र के रूप में उभरने का संकेत है।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी सहित उद्योग जगत के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य उभरती तकनीकों में सरकार और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।













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