डेस्क : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने दलित समाज को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा है कि कुछ राजनीतिक ताकतें दलितों को गुमराह करने और बहुजन आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा की राजनीति हमेशा संविधान, कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित रही है तथा पार्टी हिंसा की राजनीति में विश्वास नहीं करती।
मायावती ने अपने बयान में कहा कि बसपा ने हमेशा दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और दलितों को आपस में बांटने की कोशिश की जा रही है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी किसी भी प्रकार की हिंसा या अराजक गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विरोधियों के प्रचार से सावधान रहें और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दें।
मायावती का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में दलित राजनीति को लेकर विभिन्न दलों के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि बसपा आगामी चुनावों को देखते हुए अपने परंपरागत वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के हितों की रक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर बसपा अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगी।













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