मुंबई:महाराष्ट्र में नए डिप्टी सीएम के रूप में पद की शपथ लेने के बाद अजित पवार ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होगा और इसमें कुछ और मंत्री शामिल होंगे। साथ ही अजित पवार ने यह भी कहा कि वह एनसीपी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी का नाम भी मेरे साथ ही रहेगा। इस तरह से अजित पवार ने चाचा शरद पवार को सीधे चुनौती दी है। वहीं, छगन भुजबल ने कहा कि पार्टी में फूट नहीं है। हमने एनसीपी के रूप में ही शिंदे सरकार को समर्थन दिया है। अजित पवार ने इस मौके पर स्पष्ट कहा कि पार्टी के सभी विधायक और सभी नेता उनके साथ हैं। अजित पवार ने यह भी कहा कि उन्होंने शरद पवार से फोन पर बात की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके पास शरद पवार का आर्शीवाद है, तो उन्होने कहा कि सभी का मतलब सभी।
इसलिए भाजपा के साथ
अजित पवार ने कहा कि पीएम मोदी देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं। इसलिए मुझे लगा कि हमें भी इसमें शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की बात करें तो कहीं लेफ्ट बनाम ममता तो दिल्ली में कांग्रेस बनाम आप चल रहा है। ऐसे में विपक्षी एकता से कुछ बात बनने वाली है। पीएम मोदी के खिलाफ विपक्ष बिखरा हुआ है। इसलिए हमने सरकार के साथ जाने का फैसला किया। शिंदे सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध, इसलिए हमने विकास के साथ जाने का फैसला किया। कई लोग अलग-अलग तरह की टिप्पणी करेंगे, इस पर हमें ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि एनसीपी में नए लोगों को मौका मिलेगा। नागालैंड में भी एनसीपी भाजपा सरकार के साथ गई थी। वहां पर भी विकास पर फोकस किया गया था।
भुजबल ने कही यह बात
प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद एक अन्य प्रमुख एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा कि वह अजित पवार की बातों से पूरी तरह से सहमत हैं। उन्होंने कहा कि हमने एनसीपी छोड़ी नहीं, बल्कि एनसीपी के साथ हैं। भुजबल ने कहा कि हमने पीएम मोदी की आलोचना की, लेकिन सच यह है कि देश उनके हाथों में सुरक्षित है। ओबीसी से जुड़े कई मामलों को केंद्र की सहायता से हल किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पटना में विपक्ष की बैठक हुई थी, लेकिन वहां पर कोई एकता नहीं है। भुजबल ने आगे कहा कि शरद पवार ने भी कुछ दिन पहले कहा था कि 2024 में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ही आएंगे।













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