स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने वर्ष 2000 के मैच फिक्सिंग विवाद को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सौरव गांगुली ने बताया कि जब भारतीय क्रिकेट फिक्सिंग के आरोपों से घिरा हुआ था, तब उन्होंने टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले से सीधे पूछा था कि क्या उन्हें कभी मैच फिक्सिंग के लिए संपर्क किया गया था।
सौरव गांगुली ने कहा कि उस समय भारतीय क्रिकेट बेहद कठिन दौर से गुजर रहा था। मैच फिक्सिंग विवाद ने पूरे क्रिकेट जगत को झकझोर दिया था और खिलाड़ियों के बीच अविश्वास का माहौल बन गया था। ऐसे समय में टीम की कप्तानी संभालना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।
पूर्व कप्तान के अनुसार, उन्होंने वरिष्ठ खिलाड़ियों से स्पष्ट रूप से पूछा था कि क्या किसी सट्टेबाज अथवा संदिग्ध व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया है। गांगुली ने बताया कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले—तीनों ने साफ कहा कि उनसे कभी किसी ने संपर्क नहीं किया।
सौरव गांगुली ने यह भी स्वीकार किया कि मात्र 27 वर्ष की आयु में भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी संभालना उनके लिए अत्यधिक दबावपूर्ण अनुभव था। उन्होंने कहा कि टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जिनकी कप्तानी में वे स्वयं खेल चुके थे। अपनी पहली टीम बैठक को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वे काफी घबराए हुए थे और अधिक लंबी बातचीत से बचना चाहते थे।
वर्ष 2000 का मैच फिक्सिंग प्रकरण भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े विवादों में माना जाता है। इसी दौर के बाद सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने नई आक्रामक पहचान बनाई तथा युवा खिलाड़ियों के दम पर विश्व क्रिकेट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।













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