मुंबई:भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने शेयर बाजार के वैल्युएशन पर एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है। बुच ने कहा कि भारत के पूंजी बाजार में हाई वैल्युएशन का कारण विदेशी निवेशकों की देश को लेकर उम्मीद और भरोसा है। बुच ने एक कार्यक्रम में कहा- निश्चित रूप से कुछ लोग कहते हैं कि हमारा बाजार महंगा है लेकिन फिर भी निवेश क्यों आ रहा है? क्योंकि यह उस आशावाद और विश्वास का प्रतिबिंब है जो दुनिया आज भारत में रखती है। बुच ने कहा कि वह मिली जिम्मेदारियों के तहत नियमित रूप से विदेशी निवेशकों से मिलती रहती हैं। उन्होंने देखा है कि कई साल की मजबूत वृद्धि के बाद देश की अर्थव्यवस्था में जो गति आई है, इस कारण उनमें भारत के प्रति रुचि बढ़ी है।
हाई वैल्युएशन पर जताई थी चिंता
बता दें कि सेबी प्रमुख बुच ने कुछ सप्ताह पहले छोटे और मझोली कंपनियों के शेयर कैटेगरी में हाई वैल्युएशन पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि यह एक बुलबुले में तब्दील हो सकता है। इसके बाद शेयर बाजार बुरी तरह क्रैश हो गए थे।
पारदर्शिता है जरूरी
माधबी पुरी बुच ने कहा कि पूंजी बाजार नियामक सेबी सार्वजनिक शेयरधारकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिनिधि के रूप में काम करता है। सेबी प्रमुख ने कहा कि एक नियामक के रूप में हमारे लिए विश्वास का सबसे बुनियादी आधार पारदर्शिता है। उन्होंने कहा कि भरोसा दोतरफा होता है। जहां एक कंपनी को बाजार के साथ भरोसा बनाने के लिए नियामक के साथ विश्वास बनाना होता है, वहीं नियामक सार्वजनिक शेयरधारकों के प्रतिनिधि के रूप में उद्योग के साथ विश्वास बनाने के लिए काम कर रहा है।
मार्केट कैप अब जीडीपी के स्तर पर
माधबी पुरी बुच ने कहा कि बाजार में रुचि के कारण शेयर कैटेगरी में कुल वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में 378 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। जबकि एक दशक पहले यह 74 लाख करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि मार्केट कैप अब कुल मिलाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के स्तर पर है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्थाओं ने वित्त वर्ष 2023-24 में इक्विटी और बॉन्ड जारी कर बाजार से कुल 10.5 लाख करोड़ रुपये जुटाये। इसमें बॉन्ड के माध्यम से आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाये गए।













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