नई दिल्ली : भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ एक बार फिर राष्ट्रीय गौरव, सैन्य सामर्थ्य और अटूट संकल्प का साक्षी बना। भव्य परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की बदलती युद्ध क्षमता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक दृष्टिकोण का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
परेड का सबसे आकर्षक क्षण रहा ‘सिंदूर फ़ॉर्मेशन’ फ्लाईपास्ट, जिसमें वायुसेना के लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों ने आकाश में अनुशासन, सटीकता और सामूहिक शक्ति का अद्भुत दृश्य रचा। यह फ़ॉर्मेशन न केवल सैन्य कौशल का प्रतीक था, बल्कि राष्ट्र की रक्षा के लिए हर क्षण तत्पर रहने के संकल्प को भी दर्शाता है।
कर्तव्य पथ पर यांत्रिक सैन्य टुकड़ियों और विशेष बलों की मौजूदगी ने भारत की आधुनिक युद्ध तैयारी को स्पष्ट किया। उन्नत हथियार प्रणालियाँ, बख़्तरबंद वाहन और तेज़ी से कार्रवाई करने में सक्षम यूनिट्स ने यह संदेश दिया कि भारतीय सेना आज पारंपरिक और असममित—दोनों प्रकार के ख़तरों से निपटने में सक्षम है।
इस अवसर पर भारतीय आयुध कोर (IOC) की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। झांकी के अनुसार, इस अभियान में सुरक्षा बलों ने 88 घंटों के भीतर 100 आतंकियों को निष्क्रिय किया। यह प्रस्तुति भारत की सटीक खुफिया क्षमता, संयुक्त सैन्य समन्वय और तेज़ निर्णय लेने की शक्ति को दर्शाती है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन थी। वायु शक्ति, ज़मीनी बलों और विशेष इकाइयों का समन्वय यह संकेत देता है कि भारत भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।
77 वर्षों की संवैधानिक यात्रा के इस पड़ाव पर गणतंत्र दिवस परेड ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत शांति में विश्वास रखता है, लेकिन अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने में सक्षम और संकल्पबद्ध है।













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