डेस्क:आयकर विभाग ने संशोधित और बिलेटेड आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समय सीमा 15 जनवरी, 2025 तक बढ़ा दी है। सीबीडीटी ने 31 दिसंबर 2024 के एक सर्कुलर में बताया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 119 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह फैसला लिया गया है।
यह उन टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत है, जो अब तक आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल नहीं कर सके हैं। यह राहत उन लोगों के लिए भी है जिन्होंने आईटीआर फाइल तो कर लिया था लेकिन करेक्शन नहीं कर पाए थे। आपको बता दें कि आईटीआर दाखिल करने की मूल समय सीमा 31 जुलाई, 2024 थी।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीबीडीटी को दिया था आदेश
हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को 87ए टैक्स छूट मामले का फैसला आने तक आईटीआर दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने का निर्देश दिया था। 20 दिसंबर, 2024 के एक आदेश में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को निर्देश दिया जाता है कि वह अधिनियम की धारा 119 के तहत तत्काल ई-फाइलिंग की नियत तारीख को बढ़ाने के लिए नोटिफिकेशन जारी करे। डेडलाइन इसलिए बढ़ाया जा रहा ताकि धारा 87 ए के तहत छूट के लिए पात्र सभी टैक्सपेयर्स को राहत मिल सके।
विवाद से विश्वास योजना की भी बढ़ी डेडलाइन
हाल ही में आयकर विभाग ने विवाद से विश्वास योजना के तहत कर बकाया का निर्धारण करने और ब्याज, जुर्माने की छूट के लिए जानकारी दाखिल करने की तारीख 31 जनवरी तक बढ़ा दी। प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास योजना, 2024 के मूल नियमों के अनुसार 31 दिसंबर, 2024 से पहले घोषणा दाखिल करने वाले करदाताओं को विवादित कर मांग का 100 प्रतिशत भुगतान करना पड़ता। ऐसे मामलों में ब्याज और जुर्माना माफ करने का प्रावधान किया गया है।













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