तेहरान: अली खामेनेई ने मध्य पूर्व में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी पर तीखा हमला करते हुए उसे “कागज़ी शेर” करार दिया है। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने की संयुक्त राज्य अमेरिका की क्षमता पर गंभीर सवाल उठाए।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई ने कहा कि वाशिंगटन की व्यापक सैन्य उपस्थिति के बावजूद वह पश्चिम एशिया में स्थिरता स्थापित करने में विफल रहा है। इसके उलट, उन्होंने अमेरिका पर क्षेत्र में लंबे समय से अस्थिरता और संघर्ष को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
क्षेत्रीय स्वायत्तता पर जोर देते हुए खामेनेई ने कहा कि मध्य पूर्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी क्षेत्र के देशों की ही होनी चाहिए, न कि बाहरी शक्तियों की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका की फारस की खाड़ी की दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था तय करने में कोई वैध भूमिका नहीं है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव जारी है। दोनों देश एक ओर अप्रत्यक्ष कूटनीतिक संवाद में लगे हैं, तो दूसरी ओर रणनीतिक प्रतिस्पर्धा भी जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई का यह बयान क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव को चुनौती देने और पश्चिमी हस्तक्षेप से मुक्त क्षेत्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देने की ईरान की रणनीति का हिस्सा है। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक संबंधों में और तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।













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