नई दिल्ली: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत ने तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के आयात को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जून 2026 में भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका से रिकॉर्ड मात्रा में एलपीजी का आयात किया है, जिससे घरेलू गैस सिलेंडर आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद मिली है।
जानकारी के अनुसार, यह बढ़ा हुआ आयात ऐसे समय में हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी संभावित आपूर्ति बाधाओं और क्षेत्रीय संकट की आशंकाओं ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत ने आपूर्ति स्रोतों का विस्तार करते हुए वैकल्पिक बाजारों से खरीद बढ़ाने की रणनीति अपनाई है।
सरकारी और व्यापारिक सूत्रों के मुताबिक, एलपीजी की यह अतिरिक्त आपूर्ति घरेलू मांग को पूरा करने और संभावित वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों से निपटने के लिए की गई है। भारत की ऊर्जा नीति लंबे समय से आपूर्ति विविधीकरण (डाइवर्सिफिकेशन) पर केंद्रित रही है, और अमेरिका से बढ़ा हुआ आयात इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर कच्चे तेल और एलपीजी जैसी ऊर्जा आपूर्तियों पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत द्वारा वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से घरेलू बाजार में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता पर दबाव नहीं पड़ेगा और आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत